महाराष्ट्र सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष से पत्रकारों को दिऐ जान वाली रकम दुगना तो कर दी है लेकिऩ इस योजना का लाभ केवल ऍक्रीडेटेड पत्रकारों को ही मिल रहा है. इससे पत्रकार जगत में काफी आक्रोश है. महाराष्ट्र में केवल 8 से 10 प्रतिशत ही ऍक्रीडेटेड पत्रकार हैं. राज्य के 35 जिले में 22,000 से उपर पत्रकार हैं. इसमें वीकली के संपादक, फ्री लान्स, वर्किंग जर्नलिस्ट, टीवी के स्ट्रिंगर, फोटोग्राफर आदि शामिल हैं.
लेकिन इसमें से सिर्फ 1902 पत्रकारों के पास ही सरकार मान्यता कार्ड यानि ऍक्रीडेशन कार्ड है. महाराष्ट्र में महसूल के नऊ विभाग में जिन पत्रकारों के पास ऍक्रीडेशन है, उनकी संख्या इस प्रकार है. मुंबई-416, अमरावती-237, औरंगाबाद-190, कोल्हापूर-190, कोंकण-139, लातूर-148, नागपूर-232, नाशिक-274 और पुणे-192. इसका मतलब यह है कि राज्य के अधिकांश पत्रकार सरकार की और से दी जा रही मदद से वंचित हैं. लेकिन इलेक्शन सिर पर है इसलिए सरकार पत्रकारों के लिए बहुत कुछ कर रही है, यह बताने के लिए कल्याण कोष रकम को बढ़ाकर वाहवाही लूटी जा रही है.





