उज्जैन में इन दिनों एक प्रादेशिक न्यूज चैनल के एक मार्केंटिंग मैन ने अपनी संस्था के साथ साथ दर्जनों चैनलों की ठेकेदारी का जिम्मा उठा रखा है. चुनाव सामने आते ही खुद को पत्रकार बता कर दर्जनों इलेक्ट्रानिक चैनलों की ठेकेदारी करने वाले इस सक्रिय मार्केटिंग मैन के कारण शहर के ब्रांडेड चैनलों के स्ट्रिंगर खासे परेशान हैं. बिना किसी की मौजूदगी में ये खुद ही आधा दर्जन चैनलों के नाम से सौदेबाजी कर लेता है.
दरअसल खुद तो एक प्रादेशिक चैनल में मार्केटिंग का काम देखता ही है, खुद की संस्था के लिए काम तो कर ही रहा है, साथ में इसे इसके साथ के आधा दर्जन स्ट्रिंगरों के लिए दलाली करने की भी जिम्मेदारी मिली हुई है. कुछ नेशनल और प्रादेशिक चैनल के लोगों ने इस मीडियाकर्मी को मुंह लगा रखा है.
यही कारण कि उज्जैन शहर के कई बड़े चैनलों के नाम से भी पैसों की उगाही करने का काम किया है. शहर में जो रिपोर्टर स्ट्रिंगर लोग अपनी संस्था के लिए इमानदारी से काम कर रहे हैं वो इससे हाथ मिलाने में भी सोचते हैं कि कहीं किसी को इस बात का इशारा ना हो जाए कि वो भी उसके साथ हैं और ये शातिर उनकी संस्था के नाम से भी पैसों की उगाही करने लगे.
अक्सर ये मीडियाकर्मी प्रेसवार्ता में कुछ चैनल वालों के पास खड़ा हो जाता है और आयोजकों को इस बात से भ्रमित कर देता है कि वो जिस चैनल वाले के पास खड़ा था वो भी उसके साथ है और लिफाफे की मांग कर रहे हैं. इस शातिर ने शहर के कई नेताओं के साथ साथ सामाजिक संस्थाओं को अपनी इस हरकत से भ्रमित कर रखा है. लेकिन कहीं ये अब चुनाव में सक्रिय ना हो जाए, इसके लिए कई चैनल के लोगों ने इससे दूर रहने का फैसला कर लिया है. पिछले सप्ताह एक साप्ताहिक अखबार साधना न्यूज ने इस मार्केंटिंग मैन की पोल खोली थी 'सच्ची चुटकी' के नाम से.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





