लखनऊ से खबर है कि पायनियर हिंदी अखबार में माया के खिलाफ बेहद अश्लील लाइनें प्रकाशित हो गई हैं. संपादक विजय प्रकाश ने कानपुर डेस्क के छह मीडियाकर्मियों के खिलाफ लखनऊ के थाना गाजीपुर में एफआईआर दर्ज करा दी है. मायावती के खिलाफ जो कुछ छपा है, वो इतना अश्लील है कि उसका प्रकाशन यहां भी नहीं किया जा सकता. भड़ास4मीडिया के पास न सिर्फ अखबार की कटिंग है बल्कि एफआईआर की कापी भी है.
पायनियर लखनऊ के कर्मचारियों का कहना है कि गालीगलौज छपने की नैतिक जिम्मेदारी संपादक को लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए लेकिन वो अपनी कुर्सी बचाने के लिए कर्मचारियों पर गाज गिरा रहे हैं. साथ ही पुलिस भी दोस्ती निभाते हुए संपादक को बचा रही है. जो कानूनी प्रावधान है उसके मुताबिक किसी भी गलत खबर प्रिंटिंग के लिए संपादक उत्तरदायी होता है. प्रिंटलाइन में संपादक का नाम छपता है और वही खबरों के चयन व प्रकाशन के लिए जिम्मेदार होता है.

गलत खबर का प्रकाशन 27 जुलाई 2013 के कानपुर संस्करण में हुआ है. पंज नंबर 11 पर औरैया डेटलाइन से प्रकाशित एक प्रवचन की खबर के बीच में अचानक ही मायावती के बारे में अश्लीलतम लाइनें लिखी गई हैं. इसे पढ़कर लगता है जैसे किसी ने जान-बूझ कर शरारत की है. उधर, कर्मचारियों की कई महीने की सेलरी भी लटकी पड़ी है जिसके कारण पूरे अखबार में उदासी का माहौल है. चर्चा यह भी है कि गाली-गलौज प्रकाशित होने के बाद विजय प्रकाश ने संपादक पद से इस्तीफा दे दिया पर प्रबंधन ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया.





