आसाराम एंड कंपनी ने इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया के खिलाफ कुत्सित अभियान शुरू कर दिया है… यौन उत्पीड़न के ढेर सारे केसों में फंसे आसाराम एंड फेमिली के करीबियों ने एक खास रणनीति के तहत अपने आदमियों, समर्थकों के माध्यम से दीपक चौरसिया पर प्रहार कराना शुरू कर दिया है. इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है.
दीपक चौरसिया और इंडिया न्यूज चैनल, दोनों के बारे में फर्जी व घटिया बातें ह्वाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि माध्यमों के जरिए एक दूसरे तक फैलाई-पहुंचाई जा रही है. कभी कोई तस्वीर ह्वाट्सएप के जरिए सेंड की जाती है जिसमें इंडिया न्यूज चैनल पर एक फर्जी ब्रेकिंग न्यूज आसाराम के बारे में दिखाया जा रहा है. जाहिर है, इस फर्जी तस्वीर को क्रिएट कर इंडिया न्यूज चैनल को बदनाम किया जा रहा है कि देखो, ये लोग कितने घटिया व पतित हैं कि ऐसी चीजों को भी खबर बना रहे हैं.. इस तस्वीर में साफ दिख रहा है कि जिस फांट में ब्रेकिंग न्यूज की खबर फ्लैश है, वो फांट इंडिया न्यूज में यूज ही नहीं होता. ऐसा इंडिया न्यूज से जुड़े लोगों का कहना है.
खुद चैनल के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत कहते हैं कि बिलकुल फर्जी व वाहियात चीजें कुछ शरारती लोग फैला रहे हैं. इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई कराए जाने को लेकर विचार किया जा रहा है. दीपक चौरसिया के बारे में फेसबुक, ट्विटर व ह्वाट्सएप पर मानहानिकारक पोस्ट, तस्वीरों का प्रसारण हो रहा है जिसका कंटेंट है कि दीपक चौरसिया कैसे पांच सौ करोड़ के मालिक बन गए, इसकी सीबीआई जांच कराई जाए. इस बारे में इंडिया न्यूज के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि सीबीआई दीपक चौरसिया की कुंडली बहुत पहले खंगाल चुकी है और उसे कुछ नहीं मिला. यह मामला तबका है जब एक राजनेता से जुड़े मामले में खबर दिखाने पर सीबीआई ने संज्ञान लेते हुए दीपक पर केस दर्ज किया था और पूरी छानबीन व पड़ताल की थी.
नीचे वो कुछ फर्जी मैटर है जो आजकल सोशल मीडिया और मोबाइल पर तेजी से एक दूसरे के यहां भेजा जा रहा है. समझा जा सकता है कि दीपक चौरसिया की और इंडिया न्यूज चैनल की मुहिम के कारण आसाराम एंड कंपनी को जो बड़ा झटका लगा है, उसके एवज में वे लोग इस तरह की भड़ास निकालेंगे ही..

(तस्वीर में लिखे अश्लील शब्दों को ब्लैक कलर से जान-बूझ कर भड़ास की तरफ से पेंट कर दिया गया है)


दीपक चौरसिया की सी.बी.आई. जाच हो… 5000 Rs. की नौकरी करने वाला दीपक चौरसिया 500 करोड़ का मालिक कैसे बन गया… कल इसी के प्रोग्राम में चक्रपाणी महाराज ने जब इस दीपक चौरसिया से ये सवाल पूछा कि आप 500 करोड़ के मालिक इतने कम समय मे कैसे बन गए तो इस चौरसिया की हवाईयाँ उड़ गयी और इसका मुह देखने लायक था। फिर इसने टॉपिक बदल दिया और अपने एक साथी को बुला दिया बहस करने के लिए। मित्रों, ये दीपक चौरसिया सबसे बड़ा दलाल है, लेकिन अफसोस इन मीडिया वालों के खिलाफ बोलने वाला कोई नहीं है कि आखिर ये मीडिया वाले रातों-रात करोड़ों-अरबों के मालिक कैसे बन गए। अगर कोई इनके खिलाफ बोलता भी है तो उनकी बात को जनता के सामने रखेगा कौन?? मीडिया तो अपने खिलाफ बोलने वाले लोगों के बारे मे कभी दिखाएगा नहीं और सबसे बड़ी बात ये है की लोग भी इन मीडिया वालों की बातों मे आ जाते हैं, जो ये दिखाते हैं उसको ही पूर्ण सच मान लेते हैं। लोगों को अब इन पेड मीडिया की असलियत बाटनी होगी और ये काम सोशल मीडिया भी बहुत अच्छी तरह से कर रहा है। तभी तो ये सभी सेकुलर मीडिया वाले आजकल बौखलाए हुए हैं। आखिर इसकी भी जांच होनी चाहिए की इनको पैसा कहाँ से मिलता है, इनकी किस कंपनी से डील हुई है और किस आधार पर हुई है। दरअसल ये इलेक्ट्रोनिक मीडिया एक स्वतंत्र संस्था है इसलिए इसके ऊपर किसी का कंट्रोल नहीं है तो ये अपने मन-मर्जी के हिसाब से कुछ भी दिखाते रहते हैं और लोगों को भ्रमित करते रहते हैं। आखिर इनकी जांच तो होनी ही चाहिए कि ये रातों-रात करोड़ो-अरबों के मालिक कैसे बन गए। ये दूसरों के खिलाफ तो खूब भौंकते हैं लेकिन जब इनके ऊपर सवाल उठते हैं तो ये उस खबर को दबा देते हैं। इसका कोई समाधान तो निकालना ही होगा..
उपरोक्त तस्वीरें ह्वाट्स एप व फेसबुक के जरिए और उपरोक्त कंटेंट फेसबुक-ट्विटर के जरिए आसाराम एंड कंपनी के लोग एक दूसरे के यहां भेज रहे हैं, खूब प्रचारित-प्रसारित करने में लगे हैं. जाहिर है, ये लोग इस मानहानिकारक कंटेंट, पिक्चर को इसलिए प्रचारित कर रहे हैं ताकि दीपक चौरसिया और इंडिया न्यूज की छवि धूमिल की जा सके. ऐसा इसलिए ताकि आसाराम बापू एंड कंपनी की करतूतों का लगातार पर्दाफाश किए जाने का वे लोग बदला ले सकें. ऐसे कंटेंट को शेयर, लाइक, फारवर्ड करने से पहले आप सभी को सोचना चाहिए.
लेखक यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया के एडिटर हैं. उनसे संपर्क [email protected] के जरिए कर सकते हैं.





