हिंदुस्तान, अखबार कानपुर के पीड़ित कर्मियों और प्रबंधन की तरफ से मैनेजर के बीच श्रम विभाग ने एक बैठक का आयोजन कराया पर इसमें कोई नतीजा नहीं निकला. कर्मियों ने प्रबंधन और श्रम विभाग के अफसर पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए एक अन्य पत्र अपर श्रम आयुक्त, कानपुर को भेजा है. नीचे सारे पत्र प्रकाशित किए जा रहे हैं. इन्हें ध्यान स पढ़िए..



उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तान प्रबंधन बिहार के कई संस्करणों के दर्जनों कर्मियों का तबादला यूपी और उत्तराखंड की यूनिटों में इसलिए कर दिया है कि ये लोग परेशान होकर खुद नौकरी छोड़ देंगे. ऐसा इसलिए किया गया ताकि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों के अनुरूप इन्हें वेतन देने से बचा जा सके और इस प्रकार हिंदुस्तान के मालिकों का करोड़ों रुपये बचाया जा सके. पूरा मामला इन लिंक पर क्लिक करके जान समझ सकते हैं…
दो पीड़ित हिंदुस्तानियों ने लेबर कमिश्नर शालिनी प्रसाद से की लिखित कंप्लेन (पढ़ें पत्र)
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सात करोड़ रुपये बचाने के लिए शोभना भरतिया और शशि शेखर ले रहे हैं अपने 22 बुजुर्ग कर्मियों की बलि!
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पैसे बचाने के चक्कर में हिंदुस्तान के 22 छोटे कर्मियों का दूर-दराज तबादला… (देखें लिस्ट) …उत्पीड़न अभी जारी है…





