कानपुर में लक्ष्मण बाग कालोनी का मामला आदर्श सोसायटी घोटाला से कतई कम नहीं है। लेकिन दिक्कत यह है कि इसमें सत्ता, विरोध, धन्नासेठों और मीडिया माफियाओं का ऐसा मजबूत गठजोड़ है कि शहर के फेफड़ों को पंचर कर देने वाली, शहर के आक्सीजन जोन को तहस-नहस करने वाली इस जगजाहिर करतूत पर चीखने चिल्लाने के बजाय पूरा शहर अंधा, बहरा और गूंगा बनकर अपनी नामर्दगी का सबूत दे रहा है।
एक केन्द्रीय मंत्री, आधा दर्जन के आस-पास लाल बत्ती वाले प्रदेश सरकार के मंत्री, एक मेयर (भाजपा का) और १०० से ज्यादा सभासद इस शहर में हैं लेकिन शहर की सांसों को छीने ले रहे इस क्रूर कृत्य के खिलाफ कोई नहीं, जानते हैं क्यों..? इसलिए कि इस घोटाले की नींव जे. के. ग्रुप ने रखी और इस पर इमारत बनाई है मार्निंग ग्लोरी इन्फा लिमिटेड ने। जरा इस कम्पनी के डायरेक्टरों के नाम देखिए…।
संजीव कुमार झुनझुनवाला पुत्र लाला कैलाशपत झुनझुनवाला निवासी ११७/के/१३, गुटैया कानपुर, भरत गुप्ता पुत्र देवेन्द्र मोहन गुप्ता निवासी पूरन निवास ७/५१, तिलक नगर कानपुर, राहुल कोठारी पुत्र विक्रम कोठारी निवासी ७/२३, तिलक नगर कानपुर, सिद्धार्थ लोहिया पुत्र आलोक कुमार लोहिया निवासी ३ए/८८, आजाद नगर, कानपुर।
अब जरा सोचिए, जेके, लोहिया, जागरण, कोठारी, झुनझुनवाला जैसे लोग और समूह जब शहर उजाड़ेगे तो बचेगा क्या…?
जय हो !
लेखक प्रमोद तिवारी कानपुर के जाने-माने पत्रकार हैं.
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