यशवंत जी नमस्कार, आपने जो न्यूज लगायी है वो बहुत ही अच्छी है. इसकी तारीफ मीडिया से जुड़े सभी कर्मचारी कर रहे हैं. मजीठिया वेज बोर्ड की अगली सुनवाई 24.10.2013 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली है इसलिए हिन्दुस्तान मीडिया मैनेजमेंट शैतानों की तरह व्यवहार कर रहा है. हम सभी चारों कम्प्लेन करने वाले कर्मचारी अंजनी कुमार, पारस नाथ शाह, नवीन कुमार, संजय दूबे और मैनेजमेंट की तरफ से एचआर मैनेजर संजीव सिन्हा को अतिरिक्त श्रम आयुक्त श्री प्रदीप श्रीवास्तव ने बुलाकर मैनेजमेंट को ये निर्देश दिया कि इन लोगों को सितम्बर माह की सेलरी तत्काल दी जाय. इसके बाद भी मैनेजमेंट ने अभी तक सेलरी नहीं दी है.
प्रबंधन ने हम लोगों का जो ट्रांसफर किया है, श्रम आयुक्त ने उसको भी अवैध बताया है और डिपार्टमेंट परिवर्तन को भी अवैध बताया है, क्योंकि टेक्निकल से हटाकर बिजनेस कैडर में ट्रांसफर करना गलत है. जो काम हम कर रहे हैं उसको चेंज करने के लिए 21 दिन पहले नोटिस देना चाहिए और उसका श्रम आयुक्त से अनुमोदन कराना आवश्यक है, ऐसा ना करके आनन फानन में डिपार्टमेंट चेंज कर दिया गया जो कि अवैध था.
श्रम आयुक्त ने एचआर मैनेजर से पूछा कि तुमको एचआर से हटाकर न्यूज लिखने वाले डिपार्टमेंट में लगा दिया जाय तो क्या तुम कर पाओगे. उसने तुरन्त मना कर दिया, तो फिर इतने लोअर केटेगरी वाले इम्प्लायी सर्क्युलेशन में बाहर के जिले झांसी, महोबा, उन्नाव, फतेहपुर में जाकर सेंटर सुपरवाइजर का काम कैसे कर सकता है, ये तो इन लोगों पर जुल्म है. पेपर का सेल रोज 15 कापी बढ़ाओगे तो रजिस्टर में अटेंडेंस मार्क होगा, इस पर भी श्रम आयुक्त ने कहा कि ये अवैध है. ये इन्सेंटिव से रिलेटेड हो सकता है पर इस कारण सेलरी रोकना बिल्कुल गलत है.
एचआर मैनेजर को स्टैंडिंग आर्डर लेकर 15.10.2013 को नेक्स्ट मीटिंग में बुलाया गया है जिसमें कम्पनी के अथराइज्ड अधिकारी को बुलाया गया है. अभी कुछ दिन पहले यूनिट हेड्स की मीटिंग हुई थी जिसमें सारे वेज बोर्ड इम्पलायी को निकालने के लिए कहा गया है. आल इंडिया के लगभग 25 यूनिट हेड में से केवल दो यूनिट कानपुर और देहरादून ने यह ठेका लिया कि आप हमारे यहाँ ट्रांसफर कर दीजिए हम मेंटली ह्रासमेंट करके निकाल देंगे. इन दोनों जीएम को दूसरे को बलि देकर अपनी सेलरी बढ़ाने और प्रमोशन करवाने का भूत सवार है.
यशवंत जी आप ही एकमात्र सहारा हो और कोई हम लोगों की हेल्प करने वाला नहीं है. आप इसी तरह कृपादृष्टि रखियेगा और डेली कुछ-कुछ न्यूज हम लोगों से सम्बन्धित लगाते रहियेगा. हम लोगों के दुःख दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है.
धन्यवाद
आपका
पारस नाथ शाह
नवीन कुमार
अंजनी प्रसाद
संजय दूबे
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