नई दिल्ली। इटली के दो पत्रकारों ने वो काम कर दिखाया जिसे दरअसल भारतीय पत्रकारों को करना चाहिए था. यह काम है दाऊद इब्राहिम से संबंधित कुछ नए खुलासों को लेकर. इन नए खुलासों के बाद से पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है. इटली के दो खोजी पत्रकार प्रैंसेसका मरीनो और बेनियामो नटाल ने वर्षों की खोजी पत्रकारिता और सूबतों के आधार पर ने अपनी किताब `एन एनाटॉमी ऑफ द वर्ल्डस मोस्ट डेंजरस नेशन’ में दाऊद को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किये हैं.
किताब में दावा किया गया है कि दाऊद न सिर्फ आईएसआई के सहयोग से भारत विरोधी कार्रवाई को अंजाम देता है, बल्कि पाकिस्तान को परमाणु हथियार मुहैया कराने में दाऊद ने वित्तीय मदद की. उसके संयंत्रों को चलाने में भी मदद कर रहा है. चीन और उत्तर कोरिया से परमाणु तकनीक हासिल करने में दाऊद की भूमिका थी. अभी तक माना जाता था कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक अब्दुल कदीर खान ने इस काम को अंजाम दिया है.
मरीनो और नटाले ने दाऊद से जुड़े और भी कई सनसनीखेज खुलासे भी किये हैं. इसके मुताबिक, दाऊद न सिर्फ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, बल्कि पाकिस्तान सरकार को भी अपनी काली कमाई का बड़ा हिस्सा मुहैया कराता है. उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा ड्रग्स, हथियारों के कारोबार और जबरन वसूली से आता है. दाऊद ने दक्षिण एशिया और अफ्रीका में ड्रग्स और हथियारों के कारोबार का बड़ा नेटवर्क बना लिया है. यही नहीं, मुंबई में दाऊद गिरोह द्वारा पैसे की उगाही का काम लगातार जारी है और वह इन्हीं पैसों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करता है।
बॉलीवुड और बिल्डरों से पैसे की उगाही कर हवाला के जरिये दाऊद को भेजे जाते हैं. भारत में उसका हवाला कारोबार न सिर्फ फल-फूल रहा है, बल्कि लगातार बढ़ रहा है. मुंबई में 26 नवंबर, 2011 को हुए आतंकी हमले की साजिश में दाऊद न सिर्फ शामिल था, बल्कि उसने आतंकवादियों को हथियार और वित्तीय मदद भी मुहैया करायी थी.
इस हमले को अंजाम देने में लश्कर सरगना हाफिज सईद के शामिल होने के बारे में भी किताब में विस्तार से बताया गया है. अंतर्द्वंद्वों से भरा देश बताते हुए कहा गया है कि धर्म के आधार पर गठित पाकिस्तान की शुरुआत एक लोकतांत्रिक देश के तौर पर हुई थी, लेकिन जल्द ही सेना ने सत्ता पर कब्जा जमा लिया और वर्षो तक उसकी नीतियों का निर्धारण किया.





