बाराबंकी। देवा महादेवा की सरजमी पर भारतीय किसान यूनियन के सहयोग से एक ही स्थल पर निकाह और अग्नि के समक्ष सात फेरे लगाकर विवाह का कार्यक्रम अपने आप में एक सम्प्रदायिक सौहार्द का मिसाल बन गया। आज हुए एक साथ चार निकाह और 122 विवाह के बाद मुस्लिमों के साथ हिन्दू भाइयों में एक प्यार मोहब्बत का नया जोश दशहरा और बकरीद के त्यौहारों से पूर्व देखने को मिला।
मालूम हो भाकियू के द्वारा बीते लगातार दो वर्षों के बाद इस बार तीसरे वर्ष भी किसानो के महात्मा महेन्द्र सिंह टिकैत के सम्मान में तृतीय विवाह संस्कार समारोह आयोजित कर एकता का पैगाम दे श्रद्धांजलि अर्पित की। भाकियू के प्रदेश महासचिव मुकेश सिंह व उनकी टीम में जुड़े लोगों ने इस पूरे आयोजन को सफलता का जामा पहनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां पर कुल 150 जोड़ों का पंजीकरण हुआ था। जिसमें से 126 जोड़ों ने यहां नई जिन्दगी को आत्मसात किया। मालूम हुआ है कि 122 हिन्दू वर-कन्याओं का विवाह वैधिक रीति रिवाज के साथ हुआ तो दूसरी तरफ चार निकाह भी हुए जिन्हें शौहर व बीवी ने खुशी-खुशी कुबूल किया।
खराब मौसम के बावजूद भी यहां पर भाकियू समर्थकों में गजब का उत्साह दिखाई दे रहा था। निशांतगंज लखनऊ से आये महबूब अहमद पुत्र मकसूद व अमसेरवा की आसिया पुत्री जहीर का जब निकाह कुबूल हुआ तो सभी ने मुबारकबाद दी। मो0 अय्यूब व फातिमा निवासी मानपुर जिला बलरामपुर, मो0 जाबिर पुत्र अमीन निवासी जैदपुर तथा रूखसाना पुत्री दिलदार निवासी उसमापुर कोठी का भी निकाह हुआ।
इसके अलावा रूचि पुत्री परिदीन निवासी सादुल्लापुर का विवाह अर्जुन पुत्र रतीपाल निवासी दयालपुर तथा संगीता वर्मा पुत्री सोहनलाल निवासी दौलतपुर बाराबंकी एवं नीरज वर्मा पुत्र राधेश्याम तथा बेबी गुप्ता पुत्री देवनरायन निवासी गोण्डा का विवाह संतोष गुप्ता पुत्र मुरारीलाल निवासी सिकन्दरपुर, शीला देवी पुत्री देवराम असन्द्रा का विवाह आशीष रावत लालापुरवा निवासी के साथ धूमधाम से हुआ। इसके अतिरिक्त अन्य सभी जोड़ो का विवाह पूरी परम्पराओं को जीते हुए भाकियू के वैवाहिक समारोह स्थल पर करवाया गया। इस दौरान जहां मुकेश सिंह दौड़-दौड़कर अपने साथियों के साथ विवाह समारोह की छोटी से बड़ी व्यवस्थाओं को संभाल रहे थे। वहीं दूसरी ओर वर व कन्या पक्ष के लोगों के साथ अन्य लोग भी अपने-अपने कामों में जुटे हुए थे। बराते आती गयी और जनाती स्वागत करते गये।
ऐसा कुछ नहीं छूटा जो विवाह में रस्म के रूप में यहां पर न किया गया हो। बिदाई की बेला में किसान भाइयों ने दुल्हनों को बहन व बेटी की तरह बिदा करते हुए उन्हें यथाशक्ति उपहार भी दिये। भाकियू के प्रान्तीय महामंत्री मुकेश सिंह ने बताया कि गत वर्ष समारोह में 107 जोड़ों का विवाह कराया गया था जिसमें आधा दर्जन मुस्लिम जोड़े थे। सबसे खास बात इस कार्यक्रम की यह थी कि यहां पर हिन्दू-मुस्लिम भाई-भाई का नारा बुलंद दिखा। वहीं सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा की खुशबू भी फैली दिखाई पड़ी। समाजवादी पार्टी के नेताओं को इस कार्यक्रम से आयोजकों ने दूर रखा।
बाराबंकी से रिजवान मुस्तफा की रिपोर्ट.





