Kashif Husain : ये हैं भारत के असली हीरो नारायण कृष्णन. एक भारतीय फ़ाइव स्टार होटल में काम करने वाले नवजवान जिसे स्विटज़रलैण्ड में शानदार नौकरी का ऑफ़र मिला था, लेकिन उसी दिन मदुराई मन्दिर जाते समय इन्होंने एक भूखे बेसहारा व्यक्ति को अपना ही मल खाते देखा और यह भीतर तक हिल गए. पल भर में उसने उस हजारों डालर वाली नौकरी को अलविदा कह दिया और इंसानियत की सेवा में अपनी ज़िन्दगी देने का फ़ैसला कर लिया.

आज की तारीख में कृष्णन रोज़ाना सुबह चार बजे उठकर अपने हाथों से खाना बनाते हैं, फ़िर अपनी टीम के साथ वैन में सवार होकर मदुरै की सड़कों पर औसतन 200 किमी का चक्कर लगाते हैं तथा जहाँ कहीं भी उन्हें सड़क किनारे भूखे, नंगे, पागल, बीमार, अपंग, बेसहारा, बेघर लोग दिखते हैं वे उन्हें खाना खिलाते हैं… यह काम वे दिन में दो बार करते हैं. औसतन वे रोज़ाना 400 लोगों को भोजन करवाते हैं, तथा समय मिलने पर कई विकलांग और अत्यन्त दीन-हीन अवस्था वाले भिखारियों के बाल काटना और उन्हें नहलाने का काम भी कर डालते हैं।
ऐसे लोग हैं असली हीरो !!
फेसबुक से.





