Abhishek Srivastava : अगला लोकसभा चुनाव करीब आते-आते जिस तरह पत्रकारों को नेताओं व राजनीतिक दलों द्वारा co-opt किया जा रहा है, वह चिंताजनक बात है। इस फेहरिस्त में ताज़ा नाम वर्तिका नंदा का है जो कभी पत्रकार थीं, आजकल मीडिया पढ़ाती हैं और किताबें लिखती हैं। फरवरी 2013 में Samast Bihar Jharkhand Samaj Trust नाम की सूरत, गुजरात स्थित एक संस्था ने इन्हें अपने कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बनाकर बुलाया था।
इस संस्था को चलाने वाले शख्स का नाम अजय चौधरी है जो सूरत बीजेपी का महामंत्री है। यही वह संस्था है जिसने बिहार के 100 साल पूरे होने पर नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाया था और उस कार्यक्रम में वामपंथी बुद्धिजीवी शिवमंगल सिद्धांतकार की भतीजी कथक नृत्यांगना पुनीता शर्मा को सम्मान दिया था। यह संस्था नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए खुलकर प्रचार कर रही है और पिछले ही दिनों इसके कर्ताधर्ता श्री चौधरी दिल्ली में पत्रकारों से संपर्क बढ़ाने के लिए आए थे।
एकबारगी माना जा सकता है कि कलाकार पुनीता शर्मा को मोदी या चौधरी जैसे मोदी के टट्टुओं की राजनीति से मतलब न हो, लेकिन क्या यही बात वर्तिका नंदा पर भी लागू होती है जिन्हें टीवी मीडिया में ''सीजन्ड पत्रकार'' माना जाता रहा है? बीजेपी के जिला महामंत्री के जेबी संगठन के एफबी पेज पर लगी उनकी तस्वीर क्या कह रही है?
युवा व तेजतर्रार पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.
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