Parag : कोई आदमी किसी फोन को तब रिकार्ड करता है जब या तो वह फोन को साक्ष्य के रूप में प्रयोग करना चाहता है या ब्लैकमेल के इरादे से. किशन को कैसे पता चला कि दीपिका का वीडियो बन चुका है? पुलिस को किशन से भी पूछताछ करनी चाहिये. या तहलका ही किशन का बयान बताये. प्रमोद ने दीपिका को फोन करके वीडियो बना चुके होने की बात कह कर क्यों धमकाया? प्रमोद का कहना है कि इसने दीपिका के चांटा मारने के बाद में चांटा मारा. हकीकत इसके उलट भी हो सकती है.
जिस तरह से यह अपनी बात बता रहा है उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. कहानी भले ही प्रमोद के बयान से लिखी गई है लेकिन साफ लग रहा है कि मामला ब्लैकमेल का हो सकता है.

इन राजेन्द्र यादव बाऊजी ने रावण का मुंह पहना हुआ है. इन्हें अपनी बुढौती पर शर्म करनी चाहिये. इसके घर में दो काम करने वालों में मार पिटाई हुई. और, ये चुपचाप तमाशा देखते रहे.
पराग के फेसबुक वॉल से.
Sanjaya Kumar Singh : तहलका का यह अनकहा पक्ष यह भी बताता है कि एक बीमार आदमी की सेवा के लिए चौथी तक पढ़े एक अर्ध साक्षर को जितने पैसे मिलते हैं उतने ही पैसे उनके संपादकीय काम में सहयोग करने वाली एक युवा लेखिका को दिए जाते हैं। बदले में यह अर्ध साक्षर उस युवा लेखिका को अपने बराबर ही समझ लेता है और उसका भला करने की कोशिश में (इस कहानी से मुझे यही लग रहा है) जेल में पड़ा है। धन्य है हिन्दी, हिन्दी में काम करने वाले और उसके तथाकथित बड़े लोग।
संजय कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.
मूल खबर…
राजेंद्र यादव के यहां काम करने वाले प्रमोद का पक्ष तहलका में प्रकाशित हुआ
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कभी सीने से चिपका विपका लिया, सहला दिया, और क्या होना है : राजेंद्र यादव
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जब मैं समझ गई कि राजेंद्र यादव के घर से बच कर निकलना नामुमकिन है, तब मैंने सौ नंबर मिलाया
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राजेंद्र यादव ने तरह-तरह के एसएमएस भेजे, वे साहित्यिक व्यक्ति हैं, इसलिए उनकी धमकी भी साहित्यिक भाषा में थी
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'तहलका' में अगर मेरा कोई बयान आता है, तो उसे फर्जी माना जाए : ज्योति कुमारी
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राजेंद्र यादव ने चुप्पी तोड़ी, कहा- मैंने हमेशा ज्योति कुमारी को अपनी बेटी की तरह माना है





