सहारा मीडिया टीवी नेटवर्क से एक बडी खबर यह आ रही है कि सतीश के. सिंह सहारा ग्रुप के एडीटर इन चीफ की हैसियत से ज्वाइन करने वाले हैं. चैनल के अंदरखाने से आ रही खबरों के मुताबिक सतीश के. सिंह की ज्वाइनिंग एक या दो दिन में किसी भी समय हो सकती है. बताया जा रहा है कि सहाराश्री ने सतीश के. सिंह के नाम पर एडिटर इन चीफ के लिये अपनी मुहर लगा दी है. इसी आधार पर नोयडा आफिस में उनके लिये केबिन तैयार किया जाना शुरू कर दिया गया है. सतीश के. सिंह जिस आफिस में बैठेंगे उसकी फिनिशिंग बड़े स्तर पर की जा रही है.
सहारा से जुड़े पुष्ट सूत्रों का दावा है कि 24000 करोड रुपये के मामले में सहाराश्री किसी ऐसी मीडिया हस्ती को चाह रहे हैं जिसकी पकड़ पीएमओ में ठीकठाक लेवल पर हो और इसका लाभ भी सहाराश्री को मिल सके. अभी तक 24000 करोड़ रुपये देनदारी वाले प्रकरण में सहारा को कोई लाभ हासिल नहीं हो सका है. इसी कारण खुद सहाराश्री ऐसे मीडियामैन की तलाश में थे जिसकी पैठ पीएमओ में अंदरखाने में हो.
सतीश के. सिंह मीडिया के पुराने और पके हुये खिलाडी माने जाते हैं. सतीश लंबे समय तक जी न्यूज में रहे हैं. उन्हें साइडलाइन कर बाद में सुधीर चौधरी को जी न्यूज में ले आया गया तब सतीश ने लाइव इंडिया की कमान संभाली. लाइव इंडिया के बाद सतीश ने नवीन जिंदल और मंतग सिंह के पाजिटिव मीडिया नेटवर्क में नई पारी शुरू की पर यहां देर तक चल नहीं पाए. उनकी बहुत जल्दी विदाई हो गयी.
सहारा मीडिया टीवी नेटवर्क ने 16 सितंबर को अपने ग्रुप के सभी न्यूज चैनलों के नामों को बदल करके 'सहारा समय' की जगह 'समय' कर लिया. वैसे नेशनल चैनल का नाम पहले से ही 'समय' था लेकिन अब रीजनल न्यूज चैनलों का नाम भी 'समय' कर दिया गया है. चैनल का नाम बदलने के साथ ही सभी इलाकाई न्यूज चैनलों के लुक को भी बदल दिया गया है. सभी रिपोर्टरों और फील्ड रिपोर्टरों को नए नाम वाली चैनल आईडी दी जा चुकी है. इसी बीच राष्ट्रीय सहारा अखबार की प्रिंट लाइन से सहाराश्री के छोटे भाई जयब्रत राय और सहाराश्री के बेटे सुशांतो राय का भी नाम हटा दिया गया है. ज्ञात हो कि सहारा समूह की सहायक कंपनी सहारा हाउसिंग के 24000 करोड़ के फर्जीवाड़े का मामला अभी जोरशोर से चल रहा है. (कानाफूसी)





