चूरू : शहर में मॉडर्न थिएटर की पहली प्रस्तुति के रूप में प्रदेश के वरिष्ठ रंगकर्मी दिनेश प्रधान द्वारा निर्देशित हास्य नाटक ‘नाराज निकम्मा’ ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में मौजूद विसंगतियों पर कड़े प्रहार करते हुए दर्शकों को खूब गुदगुदाया और झकझोरा भी। लोहिया कॉलेज में चल रहे राष्ट्रीय सेमीनार के पहले दिन शनिवार शाम को जयपुर की रंगशीर्ष आर्ट एंड कल्चर सोसायटी की ओर से हुए इस मंचन में कलाकारों ने एक से बढकर एक अभिनय कर देशभर से आए शोधार्थियों और शहरवासियों की दाद पाई।
नाटक ने घरेलू जीवन के कथानक और रोचक घटनाक्रम के बहाने देश की राजनीतिक और सामाजिक विदू्रूपताओं पर धारदार व्यंग्य किया और सत्ता व व्यवस्था की पंगुता को दर्शाया। महंगाई, भ्रष्टाचार, घोटाले, नेताओं का दोगला चरित्र, राजनीतिक सौदेबाजी, नौकरशाही आदि किस तरह देश के आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित करती है, इसे नाटक में बखूबी दिखाया गया है। साथ ही समस्याओं का समाधान भी प्रस्तुत करता नाटक अपना संदेश देने में सफल दिखाई दिया। वरिष्ठ रंगकर्मी दिनेश प्रधान के कुशल निर्देशन की छाप इस मंचन में साथ दिखी। कलाकारों की बेहतरीन संवाद अदायगी और सधे हुए अभिनय ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। धीरज भटनागर, अनीता प्रधान, मान्या रावत के बेहतर अभिनय ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
विनोद जोशी, चंचल शर्मा, दीपक शर्मा, जितेंद्र परमार, शिवसिंह पालावत, अंशुल शर्मा भी असरदार रहे। बेहतरीन ध्वनि एवं प्रकाश संयोजन ने भी प्रस्तुति को प्रभावी बनाया। निर्देशक दिनेश प्रधान ने बताया कि हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचना पुराना खिलाड़ी का नाट्य रूपांतरण धीरज भटनागर ने किया और नाटक अब तक इलाहाबाद, आगरा, जोधपुर, उदयपुर और जयपुर में विभिन्न समारोहों में मंचित किया जा चुका है।
इस मौके पर कॉलेज व्याख्याता रणजीत सिंह बुडानिया ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया और कहा कि नाटक के मंचन ने शहर में एक नई शुरुआत की है। प्राचार्य डॉ एमडी गोरा ने आभार जताया। इस मौके पर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मंजु शर्मा, उम्मेद गोठवाल, आलोक सैनी, गीता सामौर, संतोष बलाई, साहित्य अकादेमी के युवा पुरस्कार से सम्मानित दुलाराम सहारण व कुमार अजय, डॉ रविंद्र कुमार बुडानिया सहित बड़ी संख्या साहित्यकार, शोधार्थी एवं नागरिक मौजूद थे।
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