दौसा : फर्जी पत्रकार बनकर वसूली करने वाले सावधान हो जायें. ऐसे लोगों की बहुत पिटाई होती है. राजस्थान के दौसा जिले के मण्डावर इलाके में सरपंच, ठेकेदारों और सरकारी कर्मचारियों से खबर छाप देने का डर दिखाकर वसूलने वाले दो फर्जी पत्रकारों के साथ ऐसा ही हुआ है.
पता चला है कि यहां पर फर्जी पत्रकारों का गिरोह सक्रिय है जिनके पास समाचार पत्रों तथा न्यूज चैनलों के फर्जी पहचान पत्र भी है. ये लोग सरपंच सचिव और ठेकेदारों द्वारा करवाये जा रहे निर्माणों पर जाकर घटिया सामग्री का आरोप लगाकर डराते हैं. इन्हें सभी सरकारी कर्मचारी तथा ठेकेदार पत्रकार समझकर खबर छपने के डर से इन्हें पैसा देकर मामला सुलझा लेते हैं. लेकिन अब लोग इन पर शक करने लगे हैं और इनके आने पर उस क्षेत्र के पत्रकारों से फोन कर इनके बारे में जानकारियां लेने लगे हैं.
पिछले दिनों इसी वसूली के सिलसिले में चार लोगों ने 220 केवी जीएसएस के अन्दर प्रवेश किया. इसमें से तीन ने खुद को पत्रकार तथा एक ने मण्डावर का पुलिसकर्मी बताया. अन्दर जाकर ये कर्मचारियों को डरा धमका रहे थे तभी किसी कर्मचारी ने वहां के किसी स्थानीय पत्रकार को फोन करके बुला लिया. उसे देखते ही दो फर्जी पत्रकार तो तुरन्त भाग लिये लेकिन एक फर्जी पत्रकार और कथित पुलिसकर्मी पकड़ लिये गये और कर्मचारियों ने जमकर धुनाई कर दी. मण्डावर में फर्जी पत्रकारों का गिरोह पुलिस की ढील के चलते अपनी गाड़ियों पर पत्रकार लिखकर खुलेआम घूमता रहता है. ये लोग किसी दफ्तर में जाकर वहां कर्मचारियों पर अपना रोब जमाते हैं. लोगों का कहना है कि पुलिस इन वाहनों को चेक नहीं करती जिसे वजह से असामाजिक तत्व प्रेस पुलिस लिखे वाहनों का प्रयोग खूब करते हैं.





