ज्ञानपुर-भदोही। संत रविदास नगर भदोही के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी के कमरे का ताला तोड़कर लाखों के सामान उठा ले जाने के मामले में कोतवाली भदोही ने न्यायालय के आदेश पर विनोद गुप्ता पुत्र स्वर्गीय बाकेलाल गुप्ता व सुमित गुप्ता उर्फ बिट्टू पुत्र विनोद गुप्ता सहित दो अन्य के खिलाफ रपट दर्ज की है। घटना पहली जून 2013 की है। घटना के बाद पत्रकार द्वारा पुलिस अधीक्षक सहित सूबे के मुख्यमंत्री व आला अफसरों को रजिस्टर्ड सूचना दी थी, बावजूद इसके पुलिस रपट दर्ज नही की। बाद में पत्रकार द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां याचिका दायर की। विद्वान अधिवक्ता तेज बहादुर यादव की दलीलों के बाद सीजीएम ने कोतवाली भदोही को रपट दर्ज करने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि पत्रकार सुरेश गांधी मेहीलाल बिल्डिंग स्टेशन रोड भदोही मे किराए के मकान में रहते थे। उनके साथ उनकी पत्नी समेत दो बच्चे भी थे। यहां से वह अपने कार्यालय के भी कामकाज करते थे। मकान मालिक विनोद गुप्ता आदि को हर माह किराए देते रहे। गत दिनों पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के नाकामी और गैर जिम्मेदाराना कार्यों सहित भदोही में हुए दंगे में प्रशासनिक लापरवाही व जनप्रतिनिधियों के काले कारनामों को उजागर करने पर डीएम एसपी व कुछ जनप्रतिनिधि कुपित हो गये। साजिश के तहत कोतवाल भदोही संजयनाथ तिवारी ने बिना किसी अपराध के पत्रकार के खिलाफ धारा 110 जाब्ता फौजदारी के अन्तर्गत उपजिलाधिकारी को रिपोर्ट दे दिया और जब पत्रकार ने 23 मार्च 2013 को दोपहर में अपना जवाब दाखिल किया कि पुलिस द्वारा दर्ज की गई कार्यवाही के तीनों मुकदमों में पुलिस ने खुद फाइनल रिपोर्ट लगाई है या वह न्यायालय से दोषमुक्त हैं तो कोतवाल ने मकान मालिक विनोद गुप्ता व सुमित गुप्ता निवासी काजीपुर रोड भदोही को साजिश में लेकर रंगदारी मांगने की झूठी रपट दर्ज कर दी। पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्यवाही कर दी और बगैर मौका दिए जिलाधिकारी ने 9 अप्रैल 2013 को जिला बदर कर दिया। इस दौरान पुलिस व प्रशासन पत्रकार को मारने-पीटने व गिरफ्तार करने की धमकी देती रही। इसी बीच उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 20 मई को जिलाबदर की कार्यवाही पर रोक लगा दी। इसके पूर्व पत्रकार जब गुण्डाएक्ट व जिलाबदर के चलते जनपद से बाहर था तो 7 मई 2013 को मकान मालिक ने कमरे का ताला तोड़कर विज्ञापन के 1.5 लाख नगद, जेवर, जरूरी कागजात व तमाम साक्ष्य उठा ले गये। इसकी सूचना पत्रकार की पत्नी रश्मि गांधी ने कोतवाली से लेकर एसपी तक को दी, लेकिन रपट नहीं लिखी गई। 30 मई 2013 को लूट की प्रार्थना पत्र तैयार कर पहली जून 2013 को सुबह सीजीएम न्यायालय में 156 (3) जाब्ता फौजदारी के अन्तर्गत याचिका दायर की और सुबह 10 बजे कमरे पर आकर अपनी मौसी के बेटे के शादी में शामिल होने के लिए कुछ कपड़े लेकर जीप से बनारस चले गये। वहां से बस से रांची के लिए चले गये। इस बीच सायंकाल 4 बजे मोबाईल से सूचना मिली कि पुलिस की मौजूदगी मे मकान मालिक आदि कमरे का ताला तोड़कर सामान उठा ले जा रहे हैं। इसकी सूचना तत्काल गांधी की पत्नी ने मोबाईल के जरिये कोतवाली व एसपी के अलावा शहर के तमाम संभ्रांत नागरिकों को दी और ऐसा न करने व तोडफोड व लूटपाट रोकवाने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवायी नहीं हुई। मकान मालिक विनोद गुप्ता व बिट्टू गुप्ता आदि मेरी शादी में मिले व 15 सालों में कमाई के गृहस्थी कमरे में रखे दो कम्प्यूटर सेट, कैमरा, वीडियो कैमरा, आज तक चैनल का लोगो, आलमारी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, रंगीन टीवी, पलंग, कपड़े व कमरों मे रखे अन्य सभी कीमती लगभग 20 लाख के सामान उठा ले गये। गांधी ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस उत्पीड़नात्मक मामले में डीएम, एसपी व कोतवाल समेत प्रमुख गृह सचिव को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। इसके अलावा पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमों पर रोक लगा दी है।
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