टीवी टुडे नेटवर्क के चैनलों में मैनेजमेंट की शह पर आजकल सिक्योरिटी गार्डों की गुंडई चल रही है. ये गार्ड हर किसी से गलत तरीके से बोलकर उन्हें अपमानित करते हैं. इससे काम करने वाला स्टाफ खुद को बहुत ही अपमानित महसूस करता है लेकिन नौकरी के डर से कोई बोलता नहीं है.
आलम यह है कि चाहे कोई मंत्री हो या रिपोर्टर, जब आफिस में आता है तो उसकी ऐसे तलाशी ली जाती है जैसे कोई आतंकवादी हो और जब जाता है तो भी तलाशी ली जाती है जैसे चोर हों. यहां तक कि शूट पर जाती टीम की भी तलाशी ली जाती है. ऐसे माहौल में वहां काम करने वालों का दम घुट रहा है. कृपया खौफ और तलाशी का ऐसा अपमानित करने वाला दौर न चलाएं. सुरक्षा जांच के लिए और भी तरीके हैं, उन्हें अपनाएं. कम से कम आफिस से जो निकल रहा हो उसकी तलाशी तो ना ली जाए.
भड़ास को मिले एक पत्र पर आधारित.





