Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

अमृतसर में अखबार विक्रेताओं की हड़ताल, भास्कर के सरकुलेशन मैनेजर ने दी गालियां

अमृतसर में अखबार विक्रेताओं की यूनियन की हड़ताल के चलते पिछले चार दिनों से दैनिक भास्कर अखबार नहीं बंट रहा है. अखबार विक्रेता यूनियन बहुत दिनों से अपना कमीशन बढ़ाने के लिये संस्थान से बात कर रहा था. भास्कर के सर्कुलेशन स्टेट हेड मनीष सिंह कई बार अमृतसर का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने यूनियन के प्रधान से बात करके मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन यूनियन अपनी बात पर अड़ा रहा और अन्ततः कोई उम्मीद ना देख रविवार को हड़ताल की घोषणा कर दी.

अमृतसर में अखबार विक्रेताओं की यूनियन की हड़ताल के चलते पिछले चार दिनों से दैनिक भास्कर अखबार नहीं बंट रहा है. अखबार विक्रेता यूनियन बहुत दिनों से अपना कमीशन बढ़ाने के लिये संस्थान से बात कर रहा था. भास्कर के सर्कुलेशन स्टेट हेड मनीष सिंह कई बार अमृतसर का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने यूनियन के प्रधान से बात करके मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन यूनियन अपनी बात पर अड़ा रहा और अन्ततः कोई उम्मीद ना देख रविवार को हड़ताल की घोषणा कर दी.

चूंकि दीपावली का समय है तो इस समय विज्ञापन भी खूब प्रकाशित होता है. ऐसे में अगर अखबार घर-घर नहीं बंट पा रहा तो भास्कर मैनेजमेंट के हाथ पांव फूलने लगे. आरोप है कि भास्कर के जालंधर सर्कुलेशन मैनेजर देवी प्रसाद ने अखबार विक्रेता यूनियन, अमृतसर के प्रधान बाबूराम को फोन करके गालियां दी और कहा कि सबको हिमाचल में बंधवा कर मारूंगा. अमृतसर के 90 प्रतिशत अखबार विक्रेता हिमाचल के ही रहने वाले हैं इसलिये सारे अखबार विक्रेता और नाराज हो गये हैं. अखबार विक्रेता यूनियन के प्रधान ने ये बातचीत रिकार्ड करके सबको सुना भी दी है. इस वजह से बात और बिगड़ गयी. बाद में भास्कर के सर्कुलेशन स्टेट हेड मनीष सिंह को रात के 11:45 बजे अखबार विक्रेता यूनियन के प्रधान के घर जाकर माफी मांगनी पड़ी. लेकिन कोई बात नहीं बनी और अभी तक अखबार नहीं बट रहा.

न्यूज डिस्ट्रीब्यूटर एसोशिएसन, अमृतसर के प्रधान बाबूराम ने भड़ास4मीडिया के साथ बातचीत में देवी प्रसाद द्वारा अभद्रता किये जाने की पुष्टि की और कहा कि उनके पास पूरी बातचीत की रिकार्डिंग है. उन्होंने कहा है कि भास्कर प्रबंधन की तरफ से कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है. भास्कर अखबार विक्रेताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा और ठीक से बात नहीं कर रहा है. यूनियन वाले भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं कि जब तक उनकी मांग नहीं मांगी जाती तब तक कोई अखबार विक्रेता भास्कर की एक भी प्रति नहीं उठायेगा. चार दिनों से हड़ताल जारी है जिससे ना तो लोगों को अखबार मिल पा रहा है और साथ ही जिन्होंने विज्ञापन के लिये लाखों दिये हैं उनका भी नुकसान हो रहा है.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...