सचिन तेंदुलकर के खेल को कवर कर रहे हरियाणा के पत्रकारों पर मंगलवार को पुलिस ने लाठियां बरसाईं। चार पत्रकारों को तो पुलिस ने बुरी तरह लाठियों से पीटा। हरियाणा के रोहतक में चले रणजी ट्राफी मैच में तीन दिन सचिन तेंदुलकर अपने बल्ले का जलवा दिखाए। इस दौरान सचिन के दर्शन पाने के लिए उनके चाहने वालों को पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। भीड़ नियंत्रित करने के नाम पर पुलिस ने सचिन के चाहने वालों से उठक बैठक तक कराई।
ये सब चीजें भास्कर हरियाणा के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफर संजय झा ने अपने कैमरे में कैद की और संजय ने अपनी तस्वीरों से यहां तक एक्सपोज किया कि खुद पुलिस कप्तान गरीब लोगों पर लाठियां बजाते नजर आए। ये सब भास्कर में छपा तो बात दूर तक गई और पुलिस खुन्नस खाए बैठी थी। अगले रोज संजय के साथी दो पत्रकार व एक फोटोग्राफर ने अपने कैमरे में एक नया खपला कैद किया कि कैसे पुलिस वाले अपने लोगों को बिना किसी पहचान पत्र के रोहतक के स्टेडियम में एंट्री दिला रहे थे।

बस, ये देखते ही पुलिस बौखला गई और पत्रकारों पर धावा बोल दिया। यूं तो छुटपुट कई पत्रकारों को चोटें लगीं। इनमें हरिभूमि के रोहतक संवाददाताए अनिल चहल, न्यूज एक्सप्रेस के गुडगांव संवाददाता मनू महता व एमएच वन सुदर्शन व ए वन तहलका हरियाणा अशोक राठी को बुरी तरह से टारगेट बनाया गया। पर पुलिस बिना कुछ देखे लाठियां बरसानी शुरू कर दी। एक अन्य फोटाग्राफर के मुंह पर पुलिस ने खूब घूंसे बरसाए।
दुख की बात ये है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के शहर में यह शर्मनाक वाकया हुआ। सभी पत्रकार यही कह रहे हैं हुड्डा शर्म करो कुछ तो शर्म करो। सीएम ने देर शाम तक न तो घटना पर कोई टिप्पणी की और न ही कोई सख्त एक्शन की। मात्र एक सिपाही को बलि का बकरा बनाकर आंसू पोंछने की कोशिश की।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





