आशीष कुमार 'अंशु' : सुना है कि लता मंगेशकर जब एक बार ‘अय मेरे वतन के लोगों …..’ गीत गा रहीं थीं, इसे, सुनकर जवाहर लाल नेहरू रो पड़े थे और आज लता जी के एक बयान के बाद पूरी कांग्रेस रो रही है।
Syed Quasim : चौंकना मना है…. लता मंगेशकर ने कभी आपको धोखे में नहीं रखा. बीजेपी के भेजने पर 1999 में राज्यसभा में गईं. बीजेपी सरकार ने 2001 में भारत रत्न दिया…वे बाल ठाकरे की हमेशा प्रशंसक रहीं. ठाकरे का सार्वजनिक चरण स्पर्श करती थीं ..आप ही लोग कला को राजनीति से ऊपर मानते रहे. इसमें उनका क्या दोष. वे बिल्कुल बेकसूर हैं.
Kanwal Bharti : यह अलग बात है कि हम जैसे करोड़ों लोग लता जी के प्रशंसक हैं, पर हम यह भूल जाते हैं कि लता जी भी आखिर हैं तो उसी पूंजीवादी कारपोरेट के साथ, जो अपने हित में मोदी को प्रमोट कर रहा है.
Vimal Kumar : लोकतंत्र में सबको अपनी पसंद बताने का अधिकार है पर लता जे ने मोदी को अपनी पसंद बताया तो उसी तरह अच्छा नहीं लगा जिस तरह मनमोहन सिंह ने राहुल को अपनी पसंद बताया था. दोनों सिक्के के एक ही पहलू
Meenu Jain : लता जी की असल परेशानी कुछ और है. पिछले कई सालों से पैडर रोड स्थित उनके घर के सामने से गुजरने वाला एक फ्लाइओवर प्रस्तावित है ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए. लताजी तभी से इसका घोर विरोध कर रही हैं. उन्होंने यहां तक 'धमकी' दे डाली है कि अगर यह फ्लाइओवर बना तो वह मुम्बई छोड देंगी. लेकिन महाराष्ट्र सरकार है कि फैसले पर अड़ी हुई है. शायद इस बात से आपको उनका कॉग्रेस विरोध समझ में आ जाए.
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