जयपुर से प्रकाशित दैनिक नवज्योति के रिपोर्टर हर दिवाली की तरह इस दिवाली भी बोनस को तरसे, जिसके चलते इन सब को यह फेस्टिवल रुपए उधार लेकर मनाना पड़ा। बोनस तो छोड़िए, मालिकों ने रिपोर्टरों को मासिक वेतन भी तय तारीख, जो माह की दस तारीख होती है, को दिवाली से पहले देने से मना कर दिया।
इस दिवाली नवज्योति के मालिकों ने बस इतनी दरियादिली जरूर दिखाई कि दिवाली के एक दिन पहले रिपोर्टरों को एक-एक टुकड़ा मिठाई का जरूर दे दिया।
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. अगर उपरोक्त कहानी के तथ्यों में कोई कमी-बेसी नजर आए तो भड़ास को [email protected] पर मेल करके सूचित करें.






