Sheetal P Singh : उन ख़बरों और संपादकीयों पर भी रोक लगनी चाहिये जिनमें कांग्रेस की संभावित पराजय का ज़िक्र हो। या सीधे ऐसे खबरचियों पर ही बैन लगवा दें दिग्गी राजा। आख़िर में मतदान के बाद उन सभी नतीजों पर रोक का प्रावधान करा दें राजा साहब जो कांग्रेस को पराजित बताते हों। (दिग्गी राजा की चुनाव सर्वेक्षणों पर बैन की मांग से उत्साहित होकर)
Kumar Sauvir : और उन सभी छिद्रों को पूरी तरह और मुकम्मल तौर पर बंद कर दिया जाना चाहिए, येन-केन-प्रकारेण, ताकि ऐसी खबरों को लीक करने की आशंकाएं खत्म की जा सकें
Pankaj Srivastava : एक तथ्यात्मक बात कहना चाहता हूं। भारत का निर्वाचन आयोग चाहता है कि ओपीनियन पोल पर रोक लगे। इसके लिए उसने तमाम तर्क दिये हैं और सभी पार्टियों से राय मांगी है। कांग्रेस ने अपनी राय दी है और भी पार्टियों को देनी है। आज शाम की सीमा है।…ये अच्छा है कि सभी पार्टियों को अपनी राय देनी पड़ेगी। भूलना नहीं चाहिए कि एक्जिट पोल पर रोक लगाने की प्रक्रिया बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के समय शुरू हुई थी। दरअसल, अंदर-अंदर सभी पार्टियां इससे सहमत हैं। हां, जो हारता दिखता है वो जोर से बोलता है, बाकी किंतु-परंतु के साथ…
Sheetal P Singh : ठीक याद दिलाया पंकज जी। BJP हर क़िस्म के नाजायज़ मामलों में कांग्रेस की सगी बहन है । लोकपाल हो या कुछ और वह सिर्फ़ गाल बजाती है ।
Mohammad Anas : मीडिया की काली कमाई का एक बड़ा जरिया ओपीनियन पोल हुआ करते हैं। कुछ सैकड़ा लोगों के बातचीत को आधार बना कर देश के मिजाज से खेलना अभिव्यक्ती की आजादी नहीं अपितु जरायम का हुनर कहलाता है। चुनाव जनता करती है, चैनल और अखबार नहीं, बेहतर है इस अपराध पर रोक लग जाए।
पत्रकार शीतल पी सिंह, कुमार सौवीर, पंकज श्रीवास्तव, मोहम्मद अनस के फेसबुक वॉल से.






