Vinayak Vijeta : एक विस्फोटक खबर यह मिल रही है के रांची से गिरफ्तार हुए उजैर अहमद ने अपने कई व्यक्तियों जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हैं को हिन्दी दैनिक ‘प्रभात खबर’ खबर के विभिन्न कार्यालयों में इलेक्ट्रीशियन के पद पर बहाल कराया। ऐसे कार्यालयों में बिहार का पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर सहित झारखंड के कई कार्यालय हैं। पटना स्थित ‘प्रभात खबर’ कार्यालय में बतौर इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत कार्यरत मोनम जाहिर उर्फ मोनू जो उजैर अहमद का भतीजा है ने जांच एजेंसी को बताया कि बोधगया ब्लास्ट के बाद उसे उजैर मियां ने फोन कर अपना नंबर बदल लेने को कहा था।
सूत्रों के अनुसार मोनू ने ही यह सनसनीखेज खुलासा किया है कि उजैर ने ही भारत के कई शहरों में सीरियल ब्लास्ट को अंजाम देने वाले व दस लाख के इनामी आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू के इशारे पर इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े कई युवकों को ‘प्रभात खबर’ में बतौर इलेक्ट्रीशिन बहाल कराया है जिसकी जानकारी अखबार प्रबंधन को एक साल पुर्व से ही है। सूत्र बतातें हैं कि उजैर के इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े होने की खबर रांची स्थित ‘प्रभात खबर’ के एचआर हेड अंजय शर्मा, कार्यपालक निदेशक सह प्रसार हेड आर के दत्ता और यांत्रिकी विभाग के हेड आर आर अधिकारी को भी थी पर इन लोगों ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया।
सूत्र बतातें हैं कि इंडियन मुजाहिदीन का चुंकी प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों से भी गुप्त समझौता है इस भय से ‘प्रभात खबर’ खबर प्रबंधन चुप्पी साधे बैठी थी। गौरतलब है कि पूरे झारखंड में भाकपा माओवादी का अघोषित साम्राज्य कायम है। मोनू को भी एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था और बिहटा थाना स्थित उसके घर लई में छापेमारी भी की थी। बाद में एनआईए को जांच में सहयोग करने का वादा करने के बाद जांच टीम ने उसे छोड़ दिया क्योंकि पटना के गांधी मैदान में हुए आतंकी हमले और सीरियल ब्लास्ट में उसके शामिल होने के कही से भी संकेत या साक्ष्य नहीं मिले पर मोनू ने उजैर अहमद के बारे में काफी कुछ जांच एजेंसी को बताया है। उजैर अहमद अभी एनआईए की हिरासत में दिल्ली में है जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
Durganand Jha एक सम्भावना है कि खबर हो सकती है प्रभात खबर प्रवंधन को भी लेकिन निश्चितता तो नहीं है न सर,और अगर एस तरह कि कोई बात होती,तो बात बॉटम से टॉप पे पहुँचती है,उनके मातहत या समकक्ष व्यक्ति को पहले जानकारी होती,इसका मतलब है कि आप पुरे कर्मचारी को ही दोषी मान रहे है…
Yashwant Singh काहें फर्जीवाड़ा फैला रहे हैं विनायक बाबू… देसी पटाखे को आरडीएक्स में तब्दील करने की कला क्राइम रिपोर्टरों में खूब होती है और ये वाली आपकी कथित खबर इसी श्रेणी की है… कम से कम आपसे यह अपेक्षा नहीं कि आप इतना लंबा फेकेंगे और ढेर सारे निर्दोष मुस्लिम साथियों को फर्जी मामलों में फंसवाएंगे…. भारतीय सिस्टम, पुलिस, आईबी आदि खुद ही हर मुस्लिम को शक की नजर में रखकर स्कैन करते हैं…. आपकी इस तरह के कुप्रचार से स्थिति और बिगड़ेगी… रही बात प्रभात खबर की तो मैं जानता हूं. जब तक वहां हरिवंश जी जैसे लोग हैं, दत्ता जैसे लोग हैं, गोयनका जैसे लोग हैं… कोई गलत काम नहीं हो सकता और अगर किसी ने चोरी छुप के गलत काम कर भी लिया तो इन लोगों के संज्ञान में आते ही ये लोग उसे न सिर्फ दुरुस्त करेंगे बल्कि गल्ती कुबूल भी कर लेंगे… भड़ास पर प्रभात खबर और हरिवंश के खिलाफ बहुत सी खबरें छापी हैं, लेकिन आप जो ये छाप रहे हैं, भेज रहे हैं, वो निहायत ही फर्जी, बकवास, सांप्रदायिक खबर है.. मैं अपना विरोध दर्ज कराता हूं इस कम्युनल खबर के प्रति.. Harivansh जी से अनुरोध करूंगा कि इस दुष्प्रचार का संज्ञान लें… Mohammad Anas से चाहूंगा कि वे इस कथित खबर के फैक्ट्स को अपने लेवल पर पता कराएं और ऐसे दुष्प्रचार का माकूल जवाब दें…
Vinayak Vijeta yaswant ji@ हमारी खबर तथ्यों पर आधारित है न की अँधेरे में चलाया गया तीर. दहशतगर्दों का न तो कोई कौम होता है न जात ..मैंने कोई लम्बा नहीं बल्कि बहुत छोटा फेका है..इंतजार कीजिये लम्बा तो अब एनआईए फेकने वाली है..मैं किसी धर्म या संप्रदाय का विरोधी नहीं हूँ.अगर प्रभात खबर प्रबंधन में ताकत है तो मुझ पर केस कर के दिखाए और इस बात को साबित करे की रांची से गिरफ्तार उजैर अहमद और पटना से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया मोनम जाहिर उर्फ मोनू उनके अख़बार का स्टाफ नहीं है.अपने चुकी उजैर अहमद और मोनू के मोबाईल कॉल का सीडीआर नहीं देखा है इसलिए आपको भ्रम है…हो सकता है कुछ दिन बाद आप खुद ही इस खबर को प्रमुखता से भड़ास पर चलायें…चलिए बहुत ज्यादा भड़ास निकाल दिया..दीपावली की सुभकामनाएँ….
Yashwant Singh विनायक जी… आपका सगा भाई अगर आतंकी निकले तो क्या इसके लिए आपको दोषी ठहराया जाना चाहिए? अगर कागजात के अखबार पर प्रभात खबर ने किसी को नौकरी दी और वह किसी अन्य गलत काम में पाया जाता है तो क्या उसके लिए प्रभात खबर या हरिवंश दोषी हैं? मेरे खयाल से नहीं.. इस देश में बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक शक के आधार पर जेलों में ठूंस दिए जाते हैं…. फिर भी, आप के खुलासे का इंतजार रहेगा…. लेकिन, हमेशा ध्यान रखिए कि आपकी किसी खबर से किसी जेनुइन का नुकसान न हो जाए… इस देश की हरामी मीडिया के बीच प्रभात खबर और हरिवंश को मैं सम्मान की नजर से देखता हूं… बाकी, बकचोदी करने वाले तो किसी को लेकर कुछ भी कह बोल लिख सकते हैं, इसका कोई इलाज नहीं…
Durganand Jha सर, इस बात से किसी को ऐतराज़ नहीं है कि वो प्रभात खबर का स्टाफ नहीं होगा,लेकिन प्रभात खबर प्रबंधन कैसे दोषी है ये समझाने से आप बच रहे है,आपके कथन के हिसाब से अगर किसी गाँव का कोई लड़का किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ता है तो सारा गाँव आतंकवादी होगा,ये समझ से परे है…
पटना के पत्रकार विनायक विजेता के एफबी वॉल पर भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह और दुर्गानंद झा ने की टिप्पणी.






