Sanjay Sharma : तौकीर रजा और अरविन्द केजरीवाल की मुलाकात के बाद हंगामा मचा हुआ हैं. मैंने बरेली में लगभग तीन साल तक ईटीवी और स्टार न्यूज़ में काम किया है… तौकीर पहली बार स्टार पर चली मेरी खबर से ही सुर्ख़ियों में आये… यह खबर विहिप द्वारा त्रिशूल बांटने के बाद तौकीर रजा द्वारा कटार बांटने पर तैयार की गई थी… जब विहिप त्रिशूल बांटने को जायज ठहरा सकती है तो तौकीर को किस आधार पर रोका जा सकता है…
तौकीर पर दंगे के आरोप तब लगे जब बहन जी की सरकार में बरेली में तैनात एक डीएम जो खुद को और अपने परिवार को खुलेआम संघ का कार्यकर्ता बताता है, उसने तौकीर को सबक सिखाने के लिए यह कमान खुद सम्हाली… दावा कर सकता हूँ तौकीर से ज्यादा सांप्रदायिक वो लोग हैं जो तौकीर को इन दंगों के आरोप में घेरने की बात कर रहे हैं…
और हाँ, रही बात बुश की तो उसकी हत्यारी नीतियों ने इतने लोगो का क़त्ल कर दिया है कि उसके आधे भी आतंकी घटनाओ में नहीं मरे… केजरीवाल की लोकप्रियता ने बीजेपी और कांग्रेस की बैंड बजा दी है… इसीलिए ऐसे फालतू मुद्दे उठवाये जा रहे हैं पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है… इन दोनों दलों कांग्रेस-भाजपा की असलियत सामने आ गई है…
लखनऊ से प्रकाशित वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा के एफबी वॉल से.





