इंडिया टुडे वालों ने बहुत कायदे से 'इंटरनेट हिंदू' को पहचाना-पकड़ा है… इन 'साइबर हिंदुओं' ने इतना जहर घोल दिया है नेट पर, इतना कुतर्क फैला दिया है सोशल मीडिया में कि उर्दू, इस्लाम, अल्पसंख्यक, सेकुलर आदि के पक्ष में सदाशयता व ईमानदारी से बात करने वाले कई सारे लोग धीरे-धीरे अब चुप्पी साधने लगे हैं… इस डर से कि कहीं ये 'इंटरनेट हिंदू' गिरोह उन पर 'साइबर अटैक' न कर दे और अंडबंडसंड लिख लिख कर उनकी फजीहत न करा दे…
पर डरें वो लोग जो शीशे के घरों में रहते हैं… अपन लोग सड़क पर उतर कर दो-दो हाथ करने वाले हैं संघियों, भाजपाइयों से… इसलिए इनकी लानत-मलानत का दौर जारी रखेंगे… यह जारी रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अगर भारत का भविष्य किसी भी कट्टरपंथी या धार्मिक पार्टी के हाथ में चला गया तो ये देश टुकड़ों टुकड़ों में बंट जाएगा या फिर सैन्य शासन के हवाले हो जाएगा..
साथ ही यह भी जान लीजिए कि मोदी केंद्र में नहीं आने वाला … वजह … आजकल के पढ़े लिखे दौर में कोई गुब्बारा देर तक नहीं फूला रह सकता है… इसमें पिन पड़ने वाली है और फिर फुस्स्स्स्स….आने दीजिए जनाब लोकसभा चुनाव… मोदी का बैंड न बजा, मोदियापे के गुब्बारे से हवा न निकला तो मेरा नाम बदल देना…
घृणा करने लायक और बेहद करप्ट पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ही केंद्र में आएगी, लिखकर ले लीजिए.
यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस सत्ता में आएगी लेकिन मोदी का सत्ता में ना आ पाना इस देश का परम सौभाग्य होगा क्योंकि लोग करप्शन, चुप्पी, हीलाहवाली, महंगाई सब बर्दाश्त कर लेंगे, धर्म के नाम पर आग लगाने वाली पार्टी का शासन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे क्योंकि तब तो महंगाई और करप्शन पर बात करने वालों को भी मोदी गैंग कांग्रेसी या वामपंथी या मुस्लिमपंथी कहकर प्रताड़ित परेशान करने लगेगा…
जिस तरह भारत पर मुस्लिम कट्टरपंथी कभी शासन नहीं कर सकते, वे केवल एक छोटे प्रेशर ग्रुप के बतौर सक्रिय रह सकते हैं, उसी तरह इस देश में मोदी जैसे लोग कभी पीएम नहीं बन सकते, वे बस कांग्रेसियों को जीतने के मौके देते रहेंगे क्योंकि जहां मोदी का चेहरा सामने आएगा वहां वैसे ही दो तिहाई भारतीय लोग इस चेहरे से बचने को जीतने वाली पार्टी के साथ चले जाएंगे और अंत में सेंटर में कांग्रेस की छतरी के तले सरकार बन जाएगी..
क्या कीजिएगा, देश-प्रदेश को कुछ साल और कांग्रेस समेत कई जातिवादी और धर्मवादी पार्टियों का कुशासन झेलना है… आम आदमी पार्टी जैसा कोई विकल्प जब पूरे देश में नेटवर्क संगठन मजबूत कर ले तभी हम दिल से भारत भाग्य विधाता गा सकते हैं… फिलहाल तो कह सकता हूं कि दिल्ली प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने जा रही है.. अगर दिल्ली में रहते हुए केजरीवाल और 'आप' के लहर-अंडरकरंट को नहीं महसूसा-सूंघा है तो फिर मुझे आपकी 'पोलिटिकल नाक' के होने पर संदेह है…
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लेखक यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया से जुड़े हुए हैं. इनको गरियाने के लिए 'साइबर हिंदू' और मोदी भक्त लोग [email protected] पर मेल भेज सकते हैं.







