S.r. Darapuri : मायावती के प्रशंसकों/समर्थकों की जानकारी के लिए मायावती द्वारा उत्तर प्रदेश में दलित हित में किये गए कार्य :
१. मायावती ने अपने शासनकाल में अपने बहुत बड़े प्रशंसक और समर्थक बुद्ध शरण हंस की पुस्तक "ब्राह्मणवाद से बचो" को उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया था.
२. मायावती ने अपने शासनकाल में कांशी राम द्वारा बनवाई गयी फिल्म "तीसरी आज़ादी" को भी उत्तर प्रदेश में सवर्णों द्वारा विरोध करने पर प्रतिबंधित कर दिया था.
३. मायावती ने अपने शासनकाल में रामास्वामी पेरियार की पुस्तक "सच्ची रामायण" को भी सवर्णों द्वारा विरोध करने पर प्रतिबंधित कर दिया था.
४. मायावती ने अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश के स्पोर्ट्स कालजों में प्रवेश में लागू किया गया आरक्षण सवर्णों द्वारा विरोध करने पर समाप्त कर दिया था.
५. मायावती ने अपने शासनकल में रेवेन्यू विभाग द्वारा लागू किया कानून जिस में यह प्रावधान था कि जिस ज़मींन पर दलितों के मकान बने हैं से उन्हें न हटाये जाने और उस ज़मीं को उनके नाम कर दिए जाने वाले कानून को भी रद्द कर दिया था और उस विभाग के सचिव हरीश चन्द्र को निलंबित कर दिया था.
६. मायावती ने अपने शासनकाल में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए रसोईयों की नियुक्तियों में दलित रसोईयों को प्राथमिकता दिए जाने वाले शासनादेश को कुछ सवर्ण बच्चों द्वारा विरोध करने पर रद्द कर दिया था जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भोजन का अधिकार मामले में दिए गए दिशा निर्देशों के विपरीत था. इस से सरकारी स्कूलों में छुआछुत को बढ़ावा मिला और दलित रसोईयों का आरक्षण भी ख़त्म हो गया.
७. मायावती ने अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब के अनुयायियों द्वारा शासन की पूर्व अनुमति के बिना डॉ. आंबेडकर की मूर्ती लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था जब कि इस की किसी को भी अनुमति नहीं दी गयी. इस के विपरीत कहीं भी सार्वजानिक स्थल पर हिन्दू मंदिर बनाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया .
रिटायर हो चुके आईपीएस अधिकारी आर. एस. दारापुरी के फेसबुक वॉल से.





