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हिंदुस्‍तान, बनारस से दो का इस्‍तीफा, एचआर ने लारी को हाथ जोड़ा

हिंदुस्‍तान, बनारस को जनसंदेश टाइम्‍स झटका पर झटका दिए जा रहा है. प्रबंधन इतना पीडित है कि नोटिस पीरियड पर चल रहे लोगों से कहा जा रहा है कि आप अब कार्यालय मत आएं आपका पेमेंट कर दिया जाएगा. सेल्‍स और एकाउंट से जुड़े दो और लोगों ने आज हिंदुस्‍तान को बॉय कर दिया है. संभावना है कि कई और लोग अखबार से इस्‍तीफा देने वाले हैं.

हिंदुस्‍तान, बनारस को जनसंदेश टाइम्‍स झटका पर झटका दिए जा रहा है. प्रबंधन इतना पीडित है कि नोटिस पीरियड पर चल रहे लोगों से कहा जा रहा है कि आप अब कार्यालय मत आएं आपका पेमेंट कर दिया जाएगा. सेल्‍स और एकाउंट से जुड़े दो और लोगों ने आज हिंदुस्‍तान को बॉय कर दिया है. संभावना है कि कई और लोग अखबार से इस्‍तीफा देने वाले हैं.

हिंदुस्‍तान से अतुल विश्‍वकर्मा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे सेल्‍स और एकाउंट में एक्‍जीक्‍यूटिव के पद पर कार्यरत थे परन्‍तु काम यूएफसी का संभालते थे. अतुल काफी समय से हिंदुस्‍तान से जुड़े हुए थे. संभावना है कि अतुल भी अपनी नई पारी जनसंदेश टाइम्‍स से शुरू करेंगे. अतुल के साथ सेल्‍स में डिस्‍पैच और स्लिप का काम देखने वाले रवींद्र सिंह ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. संभावना है ये भी जल्‍द अपनी नई पारी जनसंदेश टाइम्‍स के साथ शुरू करेंगे. सेल्‍स हेड रामदुलार पहले ही हिंदुस्‍तान से इस्‍तीफा देकर जनसंदेश टाइम्‍स ज्‍वाइन कर चुके हैं.

दूसरी खबर है कि नोटिस पीरियड पर चल रहे असद कमाल लारी को एचआर ने कार्यालय आने से मना कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि लारी के हिंदुस्‍तान के लोगों को तोड़कर जनसंदेश टाइम्‍स से जोड़ने की संभावनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. वरिष्‍ठ संपादकीय अधिकारी के कहने के बाद एचआर ने लारी से हाथ जोड़ लिया है. लारी को कहा गया है कि आप अब कार्यालय न आएं आपका पूरा अकाया-बकाया आपको दे दिया जाएगा, जबकि लारी का नोटिस पीरियड 17 जनवरी तक है. मेडिकल लीव पर चल रहे विजय विनीत से भी एचआर ने इस्‍तीफा मांगा, लेकिन उन्‍होंने साफ कह दिया है वे मेडिकल लीव पर हैं और इस्‍तीफा नहीं देंगे. इसके बाद से प्रबंधन के हाथ-पांव फूले हुए हैं.

खबर है कि बनारस में अखबार की खराब हालत को लेकर लखनऊ में मीटिंग चल रही है. पिछले दिनों संपादकीय टीम के लिए निकाले गए विज्ञापन को भी इसी परिप्रेक्ष्‍य में देखा जा रहा है. पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में हिंदुस्‍तान की टीम टूट रही है, खासकर बनारस में. बनारस कार्यालय के अंदर के हालात तथा जनसंदेश टाइम्‍स के रूप में एक विकल्‍प मुहैया हो जाने के बाद पत्रकार एवं कर्मचारी यहां से मुक्ति चाहते हैं. लखनऊ के सूत्रों का कहना है कि इन्‍हीं सब बातों और संभावित खतरों को देखते हुए हिंदुस्‍तान बनारस में अपनी टीम को मजबूत करने की फिराक में लग गया है. चुनाव से पहले जनसंदेश टाइम्‍स के झटके ने अखबार को अंदर से हिला दिया है. 

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