कन्नौज, उत्तर प्रदेश: 31 अक्टूबर को कन्नौज में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सांसद डिम्पल यादव ने लैपटाप बांटे जिसमें लगातार 6 घंटे तक पंडाल में भूखे प्यासे बैठे रहने से कई छात्र बेहोश होकर गिर पड़े. सभा समाप्त होने के कुछ ही देर बाद कुछ पत्रकारों के नंबर पर काल आयी और उन्हें अलग बुलाया गया. वहां सैमसंग का टैबलेट और बीस हजार से लेकर पचास हजार की नगदी भी पत्रकारों उनकी वरीयता के अनुसार दी गयी ताकि कवरेज अच्छा रहे. ऐसा इसलिए भी किया गया है क्यूंकि डिम्पल यादव फिर से यहां से लोकसभा का चुनाव लड़ने वाली हैं तो मीडिया उनके पक्ष में रहे. अब दिक्कत ये है कि जिनको तोहफा मिला वो तो खुश हैं लेकिन जिनको नहीं मिला वे नाराज हो गये हैं.

ये तोहफे सीएम के पीए और सांसद के प्रतिनिधि ने बांटे. खास बात ये रही कि रिपोर्टरों ने तोहफे मिलने की बात किसी को भी यहां तक कि अपने आफिस में भी नहीं पता चलने दी. अगले दिन कवरेज भी बल्ले-बल्ले रहा. तिरवा (कन्नौज) में भी ऐसा ही हुआ कुछ को तो तोहफे मिले और कुछ को नहीं, जिससे बचे हुए रिपोर्टर नाराज हैं और वो समय की फिराक में हैं. कहीं आगामी चुनाव में ये तोहफे सपा के लिए मुसीबत ना बन जायें. ये तोहफे ब्यूरो चीफ और कुछ फोटोग्राफरों को भी मिले हैं जिसकी वजह से बीट वाले और सीएम की न्यूज लिखने वाले रिपोर्टर नाराज हो गये हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गये मेल पर आधारित