बरेली से डा. इसरार खान को लेकर कई सूचनाएं हैं. सबसे बड़ी खुशखबरी ये कि उनकी आज जमानत हो गई. मतलब ये कि कानूनी-न्यायिक औपचारिकताएं एक-दो दिन में पूरी होते ही डा. इसरार खान जेल से बाहर होंगे. दूसरी शर्मसार करने वाली खबर ये है कि डा. इसरार खान को बरेली पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद कई तरह की यातनाएं दीं.
इसका खुलासा उन्होंने जेल से लिखे अपने पत्र में किया है. साथ ही कुछ पिक्टोरियल प्रमाण ऐसे हैं जिससे साबित होता है कि डा. इसरार खान को पुलिस ने बुरी तरह मारा-पीटा. डा. इसरार खान के साथ कई किसान भी पकड़े गए और जेल में भेजे गए थे. इन किसानों के साथ भी पुलिस ने मारपीट की.
नीचे पहले जेल से लिखे डा. इसरार व आंदोलनकारी किसानों के ख़त को पढ़ें. फिर वो तस्वीरें देखें जिससे डा. इसरार व अन्य साथियों के उत्पीड़न की दास्तान पता चलती है. आखिर में आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) की तरफ से जारी वो पोस्टर देखिए जिसमें डा. इसरार समेत सभी की रिहाई की मांग की गई है..


इस तस्वीर में देखिए. डा. इसरार की पीठ पर शर्ट का हाल… ये जाहिर करता है कि डा. इसरार को पुलिस ने जमकर यातनाएं दीं… ((Photo of 24.10.2013 of Dr. Mohd. Israr Khan from back while he was in police custody, torn shirt from back shows miss-happening/ custodial violence done by police during the custody. this is a real face of our … shame shame.. ))

नीचे की तस्वीर देखिए. डा. इसरार की फटी आस्तीन से पुलिसिया जुल्म की कहानी सामने आ रही है. डा. इसरार के बगल में बैठे किसान साथी हरिनंदन की आंखों के नीचे के काले निशान बता रहे हैं कि इन लोगों को बुरी तरह पीटा गया है… ((dinank 23.10.2013 samay 5.00 baje thana baradari mein shirt sahi salamat dekhi gayee thi. Fati asteen bhi pulisia zulm ki kahani bayan kar rahi hai. sath hi Harinandan ke chehre par bhi kuch yun hi nazar ata hai. Durbhagya hai is desh ka ki sach bolne ke liye saza aur jhunth bolne par maza. daman ka virodh hona hi chahiye.))


पूरे प्रकरण को जानने-समझने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों पर क्लिक करें…
रस्सी में बंधे ये शख्स रुहेलखंड विवि के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डा. इसरार खान हैं
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हम शर्मिंदा हैं प्रोफेसर इसरार खान साहब
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