दैनिक जागरण, मैनपुरी में लम्बे समय से ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफ़ा प्रबंधन को सौंप दिया है. यूँ तो पहले भी एक बार अनिल मिश्रा को मैनपुरी ब्यूरो से हटाने की कवायद दैनिक जागरण आगरा के समाचार संपादक आनंद शर्मा द्वारा की जा चुकी थी किन्तु अपनी मजबूत राजनीतिक पैठ के कारण अनिल मिश्रा समाचार संपादक को पटखनी दे अपनी कुर्सी पर जमे रहे.
एक ब्यूरो चीफ के हाथों मुँहकी खाने के बाद शुरू हुआ समाचार संपादक द्वारा ब्यूरोचीफ को विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित किये जाने का सिलसिला और आखिरकार लगभग सालभर चली जद्दोजहद के बाद ब्यूरोचीफ ने अपना इस्तीफ़ा सौंप ही दिया. अपना इस्तीफ़ा देने की घोषणा उन्होंने फेसबुक पर की. उन्होंने खुद को समाचार संपादक द्वारा परेशान किये जाने की ओर इशारा करते हुए जो लिखा है, वो इस प्रकार है…
मैंने दैनिक जागरण क्यों छोड़ा..
जागरण से मुक्त होने की पोस्ट मैंने डाली, मेरे अधिकांश मित्र परेशान हो गये । जागरण ने गत वर्ष ही मुझे रिटायर कर दिया था । एक वर्ष का कार्यकाल बढ़ा परन्तु मैंने महसूस कि कि मेरी ज़िन्दगी के यही ३६५ दिन मेरे लिये सबसे ख़राब रहे । आप सभी जानते है कि मैनपुरी मेरे कार्यभार गृहण करने के बाद जागरण कितनी तेज़ी से आगे बढ़ा । परन्तु हमारे नवीन समाचार संपादक जब आये तो यह बीड़ा उठा कि जागरण किसी क़ीमत पर समर्पित व्यक्ति काम न कर पाये । मैंने विज्ञापन प्रसार एवं सभी क्षेत्र में जागरण नं० 1 बनाए रखा । ईमानदारी और स्वाभिमान को सदा आगे रख कर मैंने कार्य किया । मैंने पत्रकारिता के माध्यम से अपार लोकप्रियता हासिल की । सभी राजनैतिक पार्टियों ने मेरा भरपूर साथ दिया । मैं सभी का आभारी रहँूगा और प्रयास करुँगा कि आप लोगों के बीच रहकर जीवन की इस पारी को भी खेलूँ ।
अनिल मिश्रा
मैनपुरी
भड़ास तक अपनी बात पहुंचाने के लिए [email protected] पर मेल कर सकते हैं.






