वाराणसी में मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता को पहले पुलिस चौकी के सामने पिटवाया और जब वह कम्प्लेन लिखाने चौकी में गया तो वहां से भी चौकी इंचार्ज ने गाली देकर भगा दिया. घटना कल रात 10:40 की है जब अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता चेग्वेवारा रघुवंशी अपने निजी कार्य से घर वापस आ रहे थे तो पाण्डेयपुर पुलिस चौकी के पास लोगों की भीड़ देखकर अपनी मोटरसाइकिल धीमी कर लिए तभी चौकी इंचार्ज मुकेश बाबू ने उन्हें रोककर पूछा कि कहां से आ रहे हो. वे कुछ जवाब देते इतने में ही मुंह पर गमछा बांधे हुए एक व्यक्ति ने पीछे से आकर उनके गाल पर थप्पड़ जड़ दिया और कहा कि वकील व मानवाधिकार कार्यकर्ता हो तो तुम्हारी इतनी हिम्मत कि पुलिस के खिलाफ लिखोगे, मारकर जेल में डाल दूंगा, वहीं पड़े रहोगे और ये कहते हुए भाग गया.
पुलिस चौकी और चौकी इंचार्ज के सामने ये घटना घटी लेकिन मारपीट करने वाले व्यक्ति को रोकने या पकड़ने की बात तो छोड़िए जब पीड़ित ने चौकी में जाकर प्रभारी से घटना की शिकायत लिखकर कार्रवाई करने को कहा तो चौकी इंचार्ज ने पीड़ित को गालियां देते हुए चौकी से भगा दिया और कहा कि जाओ घर जाओ तुम्हें जल्द ही पता चल जायेगा. इससे साफ पता चलता है कि उक्त घटना चौकी प्रभारी की शह में हुई है.
मानवाधिकार कार्यकर्ता ने चौकी इंचार्ज के द्वारा किये गये इस उत्पीड़न के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में गुहार लगाई है. चेग्वेवारा रघुवंशी ने आयोग से चौकी इंचार्ज के द्वारा उन्हें अकारण रोककर मारपीट तथा प्रताड़ित किये जाने की घटना की जांच करके चौकी इंचार्ज पर कार्यवाही किये जाने की अपील की है.