पत्रकार अश्वनी सिंह पर 14 नवम्बर की रात वाराणसी से चंदौली वापस आते वक्त एन एच 2 पर असलहाधारी लुटेरों द्वारा हमला और लूट के असफल प्रयास से गुस्साये पत्रकारों लुटेरों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर चंदौली पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया. धरने का नेतृत्व कर रहे पत्रकार विवेक पाण्डेय उर्फ रंटू ने कहा कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद हैं और दिन प्रतिदिन ऐसी घटनायें बढ़ती जा रही हैं जिन पर अंकुश लगाने में पुलिस पूरी तरह से विफल है. एक के बाद एक पत्रकारों के साथ हो रही छिनैती व लूट की घटनाओं से हम पत्रकार अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं.

विवेक ने कहा कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब पुलिस हाइवे के लुटेरों को नहीं पकड़ पायी तो ऐसी पुलिस से हम और क्या उम्मीद करें. समाचार संकलन के लिए हम पत्रकारों को देर रात में भी निकलना पड़ता है लेकिन ऐसी घटनाओं के बढ़ने से हम घटनास्थल पर जाने से पहले कई बार सोचते हैं. जब समाज का चौथा स्तम्भ ही असुरक्षित महसूस कर रहा है तो आमजन का क्या हाल होगा. पत्रकारों के धरने की सूचना पाकर निर्दल विधायक सुशील सिंह मौके पर पहुच कर धरने में शामिल हो गए. मौके को भापते हुए चंदौली कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने पत्रकारों को समझा बुझा कर 24 घंटे के आश्वासन पर धरना समाप्त करवाया. इस दौरान रमाकान्त पाण्डेय, गणपत राय, रविन्द्र राय, राकेश यादव, आरिफ हाशमी, जीतेन्द्र उपाध्याय, एमएम रहमान, खुर्शीद आलम, कमलेश सिंह, लारेन्स सिंह, विजय नाथ शर्मा, दीपक राय, अमित कुशवाहा व चन्दन आदि पत्रकार मौजूद रहे.