जरा नीचे की तस्वीर को देखिए. ये तस्वीर फेसबुक के एक पेज का स्क्रीन शाट है जो युवाशक्ति गाजीपुर के नाम से है. इस पेज पर गांधी जी के हत्यारे को शहीद और गांधी जी को अपमानित करते हुए जैसी भाषा लिखी गई है उससे कोई भी आदमी शर्मा जाये पर ये ठहरे मोदी समर्थक इन्हें कैसी शर्म. इस पेज पर अफवाहें और भड़काने वाली सामग्री भरी पड़ी है. इस पेज पर पूरी दुनिया में शांति के दूत और राष्ट्रपिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले इस पेज के एडमिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए ब्रजभूषण दुबे ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है.
ऐसे ही नहीं इंडिया टुडे ने इंटरनेट हिंदुओं के ऊपर स्टोरी प्रकाशित की थी. हम सभी का सामना ऐसे इंटरनेट हिंदुओं से आये दिन होता ही रहता है. ये देश में संघी मानसिकता का नमूना भर है. ये कोई इस तरह का इकतौला पेज नहीं है बल्कि फेसबुक पर ऐसे तमाम पेज भरे पड़े हैं जो समाज में नफरत फैलाते रहते हैं. यही होता है जब लोगों के मन में संघी वहाबी विचारधारा भर दी जाती है. देश का जितना नुकसान इस संघी मानसिकता ने किया है उतना तो अब तक के हुए घोटालों ने भी नहीं किया.

घृणा फैलाने वाले इस फेसबुक पेज की तरफ ध्यान दिलाने वाले गाजीपुर के तेजतर्रार नेता और जिला पंचायत के सदस्य Braj Bhushan Dubey अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं: ''गान्धी को गद्दार बताकर क्या कहना चाहते हो? बहुत दुख हुआ ऐसा पोस्ट पढकर. सम्मानित दोस्तों. युवा शक्ति गाजीपुर के नाम से एक पोस्ट जो मुझे टैग किया गया है जिसमें लिखा गया है कि ; गान्धी का बध करके देश को गददार मुक्त बनाने वाले महान अमर बलिदानी, अमर शहीद नाथू राम गोडसे; आदि बहुत ही बुरा लिखा गया है. महात्मा गान्धी जी हमारे देश की धरोहर एवं विशेषांक हैं. पूरा विश्व आज गान्धी जी के सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा के रास्ते पर चल रहा है. न्याय मन्दिरों में बापू के चित्र लगाये जाते हैं. इस प्रकार के पोस्ट से बहुत आहत हुआ हूं. मैं ऐसे लोगों से चाहता हूं कि इस प्रकार के पोस्ट न करें और ऐसा करने के लिये उन्हें क्षमा मांगना चाहिये.''