Masaud Akhtar : कोंडली विधान सभा से भाकपा माले के प्रत्याशी कामरेड रामरूप के बारे में अखबारों में खबर आई थी कि उनका नामांकन पत्र इस आधार पर खारिज हो गया है कि उन्होंने अपनी जाति प्रमाण-पत्र जो प्रस्तुत किया था, वो उत्तर-प्रदेश से बनी थी. जबकि हकीकत ये है कि चुनाव-आयोग का इसको लेकर ऐतराज़ था, न कि आयोग ने कोई निर्णय सुनाया.
अब जब उस पर बहस के बाद चुनाव आयोग ने उसको स्वीकार कर लिया है और कॉमरेड रामरूप के नामांकन को वैध माना है तो इन अखबारों तक ये सूचना अभी तक नहीं पहुंची है.
मसूद अख्तर के फेसबुक वॉल से.






