Zafar Irshad : कोई भी पत्रकार किसी महिला के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता…और वो भी तहलका के संपादक तरुण तेजपाल जैसा तेजतर्रार संपादक, जिसने कितनी सरकारों कि कुर्सियां हिला दी, वो तो कभी ऐसी हरकत नहीं कर सकते…उन्होंने शराब के नशे में किसी महिला को कुछ कह दिया, तो उसकी माफ़ी भी मांग ली..अब इससे बढ़ कर और सजा क्या होगी कि उन्होंने संपादक पद से 6 महीने तक दूर रहने का फैसला कर लिया, यह प्रायश्चित किया उन्होंने और अपनी महानता दिखायी…
अब गोआ की भारतीय जनता पार्टी की सरकार तो इसलिए उनके पीछे लग गयी है, क्योंकि उन्होंने उनके अध्य़क्ष बंगारू लक्ष्मण को कैमेरे पर घूस लेते दिखाया था… आइये हम सब पत्रकार भाई तेजपाल जी के साथ एकजुटता दिखाएं, क्योंकि कोई भी पत्रकार इतना गन्दा काम कर ही नहीं सकता…देश में अगर कही शराफत बची है, तो अभी सिर्फ मीडिया में…वरना यह नेता तो कंब का देश बेच कर खा चुके होते…
कानपुर के पत्रकार जफर इरशाद के फेसबुक वॉल से






