आगरा से प्रकाशित हो रहे द सी एक्सप्रेस में पत्रकार विज्ञापन के बोझ से दब गए हैं। चेतावनी दी गई है कि नौकरी करनी है तो विज्ञापन लाओ। कई ब्यूरोचीफ की इस महीने के अंत तक छुट्टी दो सकती है। उनसे लिखवा लिया गया है कि विज्ञापन का टारगेट पूरा नहीं किया तो इस्तीफा दे देंगे। अखबार का प्रसार लगातार गिर रहा है। इसे बढ़ाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसके बाद भी विज्ञापन का दबाव है। बार-बार अखबार बन्द करने की धमकी दी जा रही है।
द सी एक्सप्रेस के मालिक ऊंची तनख्वाह वालों को ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। विज्ञापन के चक्कर में डॉ. अमी आधार निडर ने नौकरी छोड़ दी। विज्ञापन का दबाव अधिक पड़ने पर राजीव दधीच ने अखबार को टाटा कर दिया। डॉ. हर्षदेव पर जब विज्ञापन का दबाव पड़ा तो वे भी चलते बने। प्रीति शर्मा, अनुष्का और स्मिता ने भी विज्ञापन न कर पाने के कारण त्यागपत्र दे दिया है। प्रीति के जाने के बाद मैगजीन की ऐसी-तैसी हो गई है। कोई देखने वाला नहीं है। अभी तक इनकी वेतन नहीं मिला है। लाला जी दो माह का वेतन दबाए बैठे हैं।
इस समय भानु प्रताप सिंह रह गए हैं। उन्हें सम्पादक बनाने का लॉलीपॉप दिया गया है। अगर वे विज्ञापन में रुचि नहीं दिखाएंगे तो कभी भी नौकरी जा सकती है। भानु प्रताप सिंह लाला के खास बने हुए हैं, इसलिए नौकरी कर रहे हैं। लालाजी उन्हें अपना मोहरा बनाए हुए हैं। विज्ञापन में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए कुछ समय से लाला की आँख की किरकिरी बने हुए हैं। पूरा स्टाफ उन्हें बद्दुआ दे रहा है।
आगरा से एक पत्रकार की रिपोर्ट.





