तरुण तेजपाल सेक्स कांड में नया मोड़ तब आ गया जब तहलका पत्रिका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी ने अपने पद से आज सुबह इस्तीफ़ा दे दिया. यौन शोषण का आरोप लगाने वाली क्लिक करें महिला पत्रकार व कुछ और पत्रकार भी तहलका से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. तहलका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी पर तरुण तेजपाल को बचाने के आरोप लग रहे हैं. उन पर तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले को दबाने की कोशिश के भी आरोप लगे हैं.
इस मसले पर शोमा ने कहा है कि मामले को दबाने के या पीड़ित एवं उसके परिवार को धमकाने का के आरोपों से मैं दुखी हूं. शोमा चौधरी ने अपने इस्तीफे में कहा है कि पिछले एक हफ्ते से मुझ पर लीपापोती (मामले में) करने के प्रयास और महिलावादी रुख नहीं अपनाने का आरोप लग रहा है. मैं स्वीकार करती हूं कि मैं कई चीजों को अलग ढंग से कर सकती थी और अधिक नपे तुले ढंग से, लेकिन मैं लीपापोती के आरोपों को खारिज करती हूं. उन्होंने कहा कि अपने महिलावादी रुख को लेकर मेरा मानना है कि मैंने हर चीज पर अपनी सहकर्मी की बात को प्राथमिकता देकर उसी के अनुरुप काम किया.
शोमा ने इस्तीफे में लिखा है कि मेरे प्रयासों के बावजूद पिछले कुछ दिनों में मेरी ईमानदारी पर हमारी बिरादरी और जनता द्वारा बार-बार सवाल उठाए जाते रहे हैं. मैं इसका संज्ञान लेना चाहूंगी. उन्होंने कहा कि मैंने कई साल तक तहलका के लिए कड़ा परिश्रम किया है. मैं तहलका की छवि को कलंकित होने से बचाने के लिए अपनी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठने देना चाहती. शोमा ने लिखा है कि इसलिए, मैं तत्काल प्रभाव से प्रबंध निदेशक पद से इस्तीफा देती हूं. तहलका में शेयर धारक और तेजपाल द्वारा शुरू की गई कंपनियों से जुड़ी शोमा पर मामला सामने आने के बाद आरोप लगा कि उन्होंने इस इस पर परदा डालने का काम किया और मामले में उचित कार्रवाई नहीं की.





