सी-वोटर फाउंडेशन आगामी 30 नवंबर को जनमत सर्वेक्षणों पर वर्कशॉप का आयोजन करने जा रहा है। इस वर्कशॉप में मीडिया के छात्रों को जनमत सर्वेक्षण से जुड़े सभी पक्षों की जानकारियाँ दी जाएंगी। साथ ही इसमें प्रतिभागियों को सर्वेक्षण करने के तौर-तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
वर्कशॉप में वरिष्ठ टीवी ऐंकर विनोद दुआ के साथ भारत में चुनावी पत्रकारिता और जनमत सर्वेक्षणों पर खुला संवाद भी आयोजित होगा। इस में श्री दुआ अपने अनुभव तो साझा करेंगे ही, प्रतिभागी उनसे सवाल-जवाब भी कर सकेंगे।
ये तो स्पष्ट है कि सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक शोध का चलन मीडिया में तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। ख़ास तौर पर चुनाव के दौरान सभी न्यूज़ चैनल जनमत सर्वेक्षणों के ज़रिए मतदाताओं की नब्ज़ टटोलने की कोशिश करते हैं, जो कि बेहद देखे भी जाते हैं। लेकिन इसका दूसरा पहलू ये भी है कि सर्वेक्षणों को लेकर बहुत सारी भ्रांतियाँ बनी हुई हैं और उन्हें हमेशा शक़ की नज़रों से देखा जाता है। बहुत से लोग इसकी विधियों से अनभिज्ञ भी हैं, जिसके चलते वे इस वैज्ञानिक औजार को ज्योतिष जैसी कोई चीज़ समझने लगते हैं।
देश के जाने-माने सर्वेक्षणकर्ता संजय कुमार (सीएसडीएस), धनंजय जोशी एवं जाने-माने चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख वर्कशॉप में उपरोक्त भ्रांतियों को तो दूर करेंगे ही, सर्वेक्षण की प्रक्रिया से भी अवगत कराएंगे। वे ये भी बताएंगे कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में इसकी आवश्यकता एवं उपयोगिता क्या है। वर्कशॉप में मीडिया और सर्वेक्षण के रिश्तों पर भी रोशनी डाली जाएगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि पत्रकार और पत्रकारिता के छात्र किस तरह से सर्वेक्षणों का इस्तेमाल शोध के लिए कर सकते हैं।
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