Dayanand Pandey : यह भी क्या स्वर्णिम समय है… प्रणाम कीजिए इस समय को भी.. भारत रत्न सचिन तेंदुलकर… पत्रकार शिरोमणि तरुण तेजपाल… और अब महान लेखक राजेश रंजन ऊर्फ़ पप्पू यादव! वो गाना है न.. आ जा तुझे भी सैर करा दूं, तमंचे पे डिस्को! तमंचे पे डिस्को! अब देखिए न कि एक से एक भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, सब के सब नत हैं इस डिस्को के आगे और नाच रहे हैं… दुर्योधन, दुशासन समेत… आमीन बुलेट राजा, आमीन!
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार दयानंद पांडेय के फेसबुक वॉल से.





