Nadim S. Akhter : रवीश की रिपोर्ट का सच… पिछले दिनों मैंने अपनी वॉल पर दिल्ली की चुनावी जंग पर कुछ लिखा था. अभी रवीश की रिपोर्ट देखी. आप भी देखिए कि मैंने जो लिखा था, रवीश की इस रिपोर्ट में वही सब बातें वीडियो की शक्ल में हैं. बस लोगों के चेहरे और स्थान बदल गए हैं. रिपोर्ट देखकर आपको ये पता चल जाएगा कि आप पार्टी के पक्ष में दिल्ली में जबरदस्त माहौल है.
लोग परम्परागत राजनीतिक पार्टियों के कर्मों से ऊब गए हैं. वे बदलाव चाहते हैं. मैंने लिखा था कि दिल्ली की जिस चमक-धमक की बात शीला दीक्षित करती हैं, वह असल में है नहीं. और रवीश की इस रिपोर्ट में इसका वीडियो भी देख लीजिए. गंदगी और जीवन की बेसिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझते दिल्ली के नागरिक. इस देश की राजधानी के वासी.
एक बात और. पत्रकारिता के छात्रों और चुनावी रैलियों को कवर कर रहे पके-पकाए पत्रकारों के लिए भी रवीश की ये रिपोर्ट (Prime Time) देखकर सीखना चाहिए कि टीवी में जमीन की सच्चाई कैसे दिखाई जाती है, कैसे स्टोरी बुनी जाती है. बिना किसी लाग-लपेट और तामझाम के. कैसे कैमरा हिलता-डुलता रहता है तब भी विजुअल खराब नहीं होते. कैसे चुनावी राजनीतिक रिपोर्टिंग में -चेन की मरम्मत- करने वाले घुमंतु की साउंड बाइट लगाकर बदलते समाज का आइना भी दिखाया जा सकता है और कैसे कार्यकर्ताओं-पब्लिक से interact किया जाता है. बिलकुल देसी स्टाइल में. कैमरा चालू है, उसकी परवाह किए बगैर. विशुद्ध देसी रिपोर्टिंग, रवीश की स्टाइल में, जिससे मेरे ख्याल से नए लोगों को जरूर सीख लेनी चाहिए.
फिलहाल तो आप ये रिपोर्ट देखिए और जरा अंदाजा लगाइए कि मैंने जो -आप- पार्टी के बारे में लिखा था, रवीश की इस रिपोर्ट से उस पर कितनी मुहर लगती है…
http://www.ndtv.com/video/player/prime-time/video-story/299554
तेजतर्रार पत्रकार नदीम एस. अख्तर के फेसबुक वॉल से.






