हरियाणा के यमुनानगर में पत्रकारों ने पत्रकारिता का जनाजा निकाल दिया. खराब दौर से गुजर रही एक्ट्रेस बिपाशा बसु का यहां के पत्रकारों ने कितना तो इंतजार किया और जब मोहतरमा आईं तो उन्होंने पत्रकारों की परवाह ही नहीं की. ऊपर से आयोजकों ने पत्रकारों को जो सुनाया, वो तो सच में दर्दे डिस्को था.
शुक्रवार रात को बिपाशा यहां एक ब्रांडेड जेवेलरी शो रूम की पहली वर्ष गांठ पर आई थी. तो जिले के सारे पत्रकार पहुंच गए बेचारे पत्रकारों को पहले तो आयोजकों ने ये कह कर शर्मिंदा किया कि आप लोग तो अपने साथ परिवार वालों को भी लेकर आए हैं. कुछ पत्रकार सच में परिवार वालों को लेकर भी आए थे. दो तीन पत्रकारों के साथ तो उनकी बिटिया रानी बड़ी सज धज कर टशन में पहुंची हुई थी. फिर कुछ पत्रकारों ने अपने और रिश्तेदारों को न्योता दे दिया, लेकिन उनके रिश्तेदार गेट से आगे नहीं आ सके तो रिश्तेदारों के साथ उनके सम्बन्ध खटाई में पड़ गये. हालांकि आजकल इंडस्ट्री में कौन बिपाशा को पूछता है, लेकिन इस नन्हें शहर में तो यही बड़ी बात थी. दरअसल पत्रकार तो अपने बच्चों को लाये थे कि ब्लैक ब्यूटी के साथ फ़ोटो खिंचवाएंगे लेकिन नाराज आयोजकों होकर पत्रकारों को कुछ खाने को भी नहीं दिया.
एक तो ख़ाली पेट बिपाशा का इंतजार और जब वो पहुंची तो उन्होंने पत्रकारों के दिल पर लात मार दी. उनके बाउंसरों ने पत्रकारों को पास फटकने ही नहीं दिया. बाउंसरों ने कह दिया पत्रकार लोग दूर ही रहें. अब आई बंगाली सुंदरी, बोली भाई साहब आप लोग मुझसे केवल दो सवाल पूछ सकते हैं. इससे ज्यादा का मैं जवाब नहीं दूंगी.
दर्जनों पत्रकार और केवल दो सवाल, अब ये तो नाइंसाफी हुई. पत्रकारों में सवाल पूछने को लेकर ऐसी स्पर्धा छिड़ी कि वो कुर्सियों के ऊपर खड़े हो गये. अपने जूतों से कीमती सोफों का नाश कर दिया. उधर कई पत्रकार तो सीधा कांच के शो केश पर बेठ गये. शो रूम का मालिक बेचारा हाथ जोड़ता रहा कि कहीं उसका कांच ना टूट जाए. उधर अपने बाउंसरों से घिरी बिपाशा ने खूब रौब दिखाया.
कई बुजुर्ग पत्रकार जो कभी किसी कार्यक्रम में मुश्किल से ही नजर आते हैं वो भी सजेधजे नजर आए. सब अपने सवाल घर से ही लिखकर लाए थे. अब बेचारे कुर्सियों पर नहीं चढ़ नहीं सकते थे तो आयोजकों के सामने ही अपना दुखड़ा सुना डाला, खूब उलाहना दी. बस ये समझिए कि पत्रकारिता का जनाजा निकल गया.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित