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जौनपुर

पूर्वांचल विवि में स्क्रिप्टिंग, सम्पादन एवं फिल्म निर्माण विषयक कार्यशाला शुरू

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को विज्ञान संचार, स्क्रिप्टिंग, कैमरा, सम्पादन एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण विषयक कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रख्यात विज्ञान फिल्मकार एम रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्में आज स्वस्थ समाज का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि आम आदमी के मुद्दों को ध्यान में रख कर डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण करें। विश्व में इन दिनों बड़े पैमाने पर छोटी बड़ी विज्ञान विषयों पर फिल्म निर्माण का कार्य हो रहा है। इसके लिए नई पीढ़ी के लोगों को आगे आना चाहिए।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को विज्ञान संचार, स्क्रिप्टिंग, कैमरा, सम्पादन एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण विषयक कार्यशाला का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रख्यात विज्ञान फिल्मकार एम रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्में आज स्वस्थ समाज का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि आम आदमी के मुद्दों को ध्यान में रख कर डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण करें। विश्व में इन दिनों बड़े पैमाने पर छोटी बड़ी विज्ञान विषयों पर फिल्म निर्माण का कार्य हो रहा है। इसके लिए नई पीढ़ी के लोगों को आगे आना चाहिए।
 
कार्यशाला में नई दिल्ली की विज्ञान संचारक एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता पूनम चौरसिया ने प्रतिभागियों से कहा कि विज्ञान संचार को केंद्रित कर पत्रकारिता के विद्यार्थी अपना कॅरियर इस फील्ड में बना सकते हैं। फिल्म निर्माण में विज्ञान विषय पर लेखन बहुत रोचक होना चाहिए। 
 
अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो सुंदर लाल ने कहा कि तकनीकी ने विज्ञान विषयों पर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। आज विश्व के बहुत सारे निर्माता इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिये विज्ञान फिल्मों को प्रदर्शित कर रहे है। मंचों की कमी न होना वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्मों के लिए वरदान साबित हुआ है।
 
विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि आज के समय में विज्ञान डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से आम आदमी तक बेहतर तरीके से संवाद स्थापित हो रहा है। स्वास्थ्य विषयक जागरूकता के लिए डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। आस-पास ही बहुत सारे ऐसे विषय हैं जिन पर वैज्ञानिक नजरिये से काम करने की जरूरत है।
 
दूसरे सत्र में प्रशिक्षकों ने फिल्म निर्माण की बारीकियों पर चर्चा की। विषय विशेषज्ञ पत्रकार जावेद अहमद ने पटकथा लेखन पर विचार रखे। इसके पूर्व आये हुए अतिथियों का स्वागत संकायाध्यक्ष डॉ अजय प्रताप सिंह एवं डीएसडब्लू प्रो राम जी लाल ने किया। कुलपति ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौध भेंट किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह ने किया।
 
इस अवसर पर डॉ अविनाश पर्थिडेकर, डॉ राम नारायण, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ वीडी शर्मा, डॉ राजेश शर्मा, डॉ विवेक पाण्डेय, डॉ सुनील कुमार, डॉ आशुतोष सिंह, डॉ रुश्दा आजमी, पंकज सिंह  समेत प्रतिभागीगण मौजूद रहे।
 
डॉ दिग्विजय सिंह राठौर 
 
जनसंचार विभाग
 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय
 
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CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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