Yogesh Kumar Sheetal : नमक जैसी चीज को राष्ट्र का मुद्दा बना देने वाले महात्मा गांधी के पास आत्मबल था. केजरीवाल ने पानी को मुद्दा बना डाला. RTI के माध्यम से पानी के निजीकरण के पीछे की कहानी सबके सामने लाई और साबित किया कि भाजपा और कांग्रेस की जनविरोधी नीतियां एक हैं और किस तरह दोनों पार्टियां तंजानिया, कोलंबिया, फिलिपिंस आदि देशों में विश्व बैंक के इस खेल को जानकर भी अनदेखा कर रही है.
लेकिन सामाजिक न्याय को मुद्दा आप नहीं बना रहे हैं तो इसलिए कि आपके पास न आत्मबल है न ही समर्पण. बावजूद कई ऐसे लोग हैं जो नेपथ्य से सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं. बेचारों को यह भी नहीं पता है कि उनके काम का श्रेय आप जैसे लोग लेते जा रहे हैं. काम उनका, नाम आपका.
युवा पत्रकार योगेश कुमार शीतल के फेसबुक वॉल से.






