देहरादून : 'जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखण्ड' ने पुलिस महानिदेशक को राजधानी क्षेत्र में कथित रूप से कार्यरत कई कथित पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग के मामले में ज्ञापन दिया. जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह रावत ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं न केवल पत्रकारिता के पेशे के लिये बल्कि पूरे समाज और देश के लिये घातक हैं. अगर समाज के पथ प्रदर्शक ही पथभ्रष्ट हो जांय तो समाज कहां जायेगा, इसकी कल्पना की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि ताजा सेक्स स्कैंडल में पुलिस द्वारा बार-बार मीडिया के कुछ लोगों के ब्लैकमेलिंग में शामिल होने के संकेत दिये जा रहे हैं मगर ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. अगर यह सच है तो यह मामला बहुत ही गम्भीर है. उन्होंने पुलिस महानिदेशक से अनुरोध किया है कि अगर सचमुच मीडिया के कुछ लोग ब्लैकमेलिंग और सेक्स स्कैंडल में शामिल हैं तो उनके नामों को सार्वजनिक किया जाय और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाय. उन्होंने कहा कि जर्नलिस्ट यूनियन आफ उत्तराखण्ड पुलिस या किसी के भी द्वारा पत्रकारों के उत्पीड़न और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन के खिलाफ अवश्य है मगर अपराधियों और ब्लैकमेलरों के साथ कतई नहीं है.
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के महान पेशे का सम्मान अवश्य होना चाहिये मगर ब्लैक मेलिंग का नहीं. वैसे भी कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होता. पुलिस भी कानून से ऊपर नहीं होती. उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मांग की कि अगर इस कांड में या ब्लैक मेलिंग में किसी पत्रकार का हाथ नहीं है तो वह भी स्थिति स्पष्ट की जाय. इस सैक्स स्कैंडल और ब्लैकमेलिंग कांड के बाद चली चर्चाओं से पत्रकारिता के पावन पेशे की गरिमा को भारी ठेस पहुंच रही है, जो कि समाज के हित में भी नहीं है.
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से अनुरोध किया है कि बिना समय गंवाये इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जाय. अगर कोई दोषी है तो उसे तत्काल कानून के हवाले किया जाय और अगर इसमें मीडिया से जुडे लोगों की कोई भूमिका नहीं है तो उसे भी सार्वजनिक किया जाय. लेकिन पत्रकारों के बारे में पुलिस विभाग में किसी भी तरह की कानाफूसी बन्द की जाय.