एक चैनल है…नाम है श्री न्यूज…कहने को तो चल रहा है, लेकिन चल कहां रहा है, ये बड़ा सवाल है…यूं मान लीजिए की बस चल ही रहा है खींचतान करके…अगर संक्रमणकाल वाली कहावत सच मानी जाए तो इस पर भरपूर फिट बैठ रही है इन दिनों…कार्यालय में आउटपुट पर इक्का दुक्का लोग बचे हैं…प्रोड्यूसर के नाम पर दो चार…बाकी मौला मालिक है, जैसे जो चल जाए वही हरगंगे…पिछले 15 दिनों में इस चैनल की हालत और बिगड़ी है…क्योंकि दो चार जो अच्छे लोग थे, उन्होंने इसे डूबती नाव समझकर खुद किनारा कर लिया और विदा कहकर आगे बढ गए…
नितिन गुप्ता जो रनडाउन देखते थे, जिया में चले गए…कमलेश यादव प्रोड्यूसर थे, उन्होंने हरियाणा वाले चैनल आईविटनेस को इससे बेहतर समझा… इस्तीफा दिया आगे बढ गए… रोहिताश्व मिश्रा इविनिंग के इचांर्ज के तौर पर थे लेकिन इनता दुखी हुए कि अमर उजाला का रुख कर लिया…ठीक ठाक लिखने वालों में यहां अजित त्रिपाठी थे, वो भी इंडिया न्यूज चले गए… और अब खबर है कि एंकर जसप्रीत भी विदा विदाई कर चुकी हैं यहां से…
एक साहब थे विशाल, इंटरटेनमेंट की एंकरिंग के लिए दो महीने पहले आए थे…बाय बाय कहके वो भी चले गए… हालांकि इस बीच इक्का दुक्का ज्वायनिंग भी हुई लेकिन दो महीने के अंतराल पर मिलने वाली सैलरी के दुख ने सबको दुखी कर रखा है…लोगों की तकलीफ ये है कि मैनेजमेंट को इस बात से कोई लेना देना नहीं है…चैनल पहले डिश पे दिखता था, लेकिन अब न्यूजरूम पे दिखता है..सूत्र बताते हैं कि अब ये इनहाउस चल रहा है…यही वजह है कि यहां तू चल मैं आता हूं का फार्म्यूला अप्लाई हो रहा है…
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





