दैनिक जागरण, गोरखपुर में गजब का टेंशन है. टेंशन का असर है कि अब पहले पन्ने पर भी गलतियां होने लगी हैं. इस बार तो कार्टून का भी रिपिटेशन हो गया है. ध्यान से देखें तो जो कार्टून जागरण ने पांच जनवरी के अंक में छापा है वही कार्टून आज यानी छह जनवरी के अंक में भी प्रकाशित किया गया है. शैलेंद्र मणि के जाने और जनसंदेश टाइम्स के आने से टेंशन बढ़ गया है. कोई चैन से नहीं है, सभी बेचैन हैं.
सबकी निगाह कल आने वाली सेलरी पर टिकी हुई है. सेलरी मिलने के बाद कितने लोग भागते हैं और कितने टिकते हैं यह देखना दिलचस्प होगा. हालांकि कल जो भी हो, पर दैनिक जागरण के दफ्तर में पूरा तनाव-दबाव बना हुआ है. जागरण प्रबंधन हर जगह अपने घुसपैठिए सेट कर रखा है, पर ज्यादातर का शैलेंद्र मणि से व्यक्तिगत लगाव होने के चलते कोई अपना पूरा पत्ता नहीं खोल रहा है. खबर है कि जागरण में तो तनाव है ही आई नेक्स्ट के भी खाली होने की स्थिति हो गई है.
सूत्रों का कहना है कि आई नेक्स्ट में कार्यरत मयंक, अभिषेक, अनुराग, घनश्याम, शैलेंद्र शुक्ला, शैलेष और अमरेंद्र के जाने की तो पूरी संभावना दिख रही है. साथ ही फोटोग्राफर प्रदीप और ले आउट में कार्यरत संतोष गिरी और राजकिशोर ठाकुर को तोड़ने के लिए पूरा ऑफर दिया गया है. इसमें भी संभावना है कि राजकिशोर जनसंदेश टाइम्स जा सकते हैं. अगर संतोष से भी डील फाइनल हो गई तो आई नेक्स्ट का छपना मुश्किल हो जाएगा. जागरण के जिलों के प्रभारी पहले ही जनसंदेश टाइम्स में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं.
सूत्रों का कहना है कि जागरण के कई लोगों का इंटरव्यू हरिओम नगर स्थित जनसंदेश टाइम्स के कार्यालय में हुआ है. जागरण के रिटायर लोगों ने भी जनसंदेश ज्वाइन कर लिया है, जिसमें सुशील वर्मा, अरुण गोरखपुरी, देवेंद्र दुबे, सुरेंद्र नाथ मिश्रा, पूर्व प्रसार प्रबंधन श्रीपाल पाण्डेय, अरुण सिंह शामिल हैं. जिला प्रभारी के रूप में महाराजगंज में जागरण के अभयानंद कृष्ण एवं मनोज त्रिपाठी, सिद्धार्थनगर में जागरण के ही नजीर मलिक, देवरिया में जागरण के सिद्धार्थमणि जनसंदेश टाइम्स का हिस्सा बन गए हैं. कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर में जिला प्रभारी सात को सेलरी आने के बाद ज्वाइन करेंगे, ऐसी संभावना है.
सूत्रों का कहना है कि जिला प्रभारियों को एक-एक अल्टो कार दिये जाने की संभावना है. सिद्धार्थनगर में नजीर मलिक व महाराजगंज में अभयनन्द कृष्ण व देवरिया में शिद्धार्थ मणि दौरा कर जागरण के तहसील कार्यालयों के लोगों को भी तोड़ने का काम शुरू कर दिया है. लोकल स्तर पर भी प्रतिनिधियों को जागरण से तोड़ा जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि जागरण से शैलेंद्र मणि के कथित अपमान का बदला लेने के लिए उनके लोग पूरी तरह से अपनी कमर कस लिए हैं. योजना है कि जागरण को इस तरह से झटका दिया जाए कि उसे संभलने का मौका ही ना मिले. अब जागरण कितना झटका खाएगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा पर कार्टून के रिपिटेशन ने बता दिया है कि जागरण में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.





