इंडिया टीवी पर कल एक लड़की को बिठाकर और साथ में एक्सपर्ट पैनल के जरिए डिबेट कराकर जिस अभियान की शुरुआत की गई, उसका अंत बेहद दुखद रहा. लड़की ने जिन जाने-माने सोशल एक्टिविस्ट खुर्शीद अनवर पर आरोप लगाए, उन्होंने दुखी होकर आत्महत्या कर ली. बताया जाता है कि उन्होंने छत से कूदकर आत्महत्या की. फेसबुक से मिल रही सूचनाओं के मुताबिक उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर ले जाया गया जहां उन्हें बचाया नहीं जा सकता है.
लड़की द्वारा आरोप लगाए जाने का मामला कई महीनों पुराना है और संदिग्ध है. लड़की के बार-बार बयान बदलने के कारण माना जा रहा था कि वह किन्हीं फायदों के लिए यह सब कर रही है. नार्थ-इस्ट की रहने वाली इस लड़की को उकसाने और आरोप लगाने के लिए प्रेरित करने का काम कुछ दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों ने किया. वे इस बहाने क्रांतिकारी विचारों वाले खुर्शीद अनवर को डैमेज करना चाहते थे. इसके लिए पहले तो फेसबुक पर ही खुर्शीद अनवर के खिलाफ कुत्सित अभियान चलाया गया. बाद में लड़की से संपर्क साध कर उसे इंडिया टीवी पर ले जाया गया.
कल इंडिया टीवी पर लड़की को सामने रखकर जो अदालत सजी, उसका नतीजा यह निकला कि जिस पर आरोप लगना शुरू हुआ, उन्होंने जान देकर इस घृणित दुनिया से खुद को अलग कर लिया.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी अविनाश पांडेय समर कहते हैं: ''अलविदा कामरेड खुर्शीद अनवर. आपने हमे हरा दिया.''
शुजा उदीन शम्स फेसबुक पर लिखते हैं: ''बहुत बूरा हुआ, जिन लोगों ने भी उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया है, उन्हें बख़्शा नहीं जाना चाहिए.''
प्रोफेसर इश मिश्रा का कहना है: ''यह हत्या है और हत्यारों के बख्शा नहीं जाएगा. अलविदा खुर! जल्दबाजी कर दी दोस्त.''
लखनऊ के पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं: ''कामरेड खुर्शीद ने आत्महत्या नहीं की, उनकी हत्या हुयी है। उन पर आरोप लगाने वालों, कीचड़ उछालने वालों और चरित्र हनन करने वालों ने साजिश रच उन्हें मौत के अंजाम पर पहुंचाया। इन हत्यारों पर मुकदमा चले और उन्हें जेल भेज जाए। कामरेड खुर्शीद आपकी शहादत ने हमें शर्मिंदा कर दिया। हम नहीं जवाब दे पाये इन कातिलों को।
मेरठ के पत्रकार सलीम अख्तर सिद्दीकी के मुताबिक: ''जिन लोगों ने अनवर खुर्शीद को खुदकुशी के लिए मजबूर किया, वे खुश तो बहुत होंगे आज? सोच रहे होंगे, सोशल मीडिया पर ही निपटा दिया….को। अनवर ने जिल्लत से बचने के लिए मौत को गले लगा लिया। क्या किसी को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस नहीं बनता यह?''






