गोरखपुर। बीजेपी में बसपा के दागी मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की एंट्री पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले आईपी सिंह, फिर उमा भारती के बाद यूपी में पार्टी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी कमान चढ़ा ली है। योगी ने पहले तो कुशवाहा की एंट्री पर विरोध जताया और अब साफ कर दिया है कि अगर भ्रष्टाचारी पार्टी में रहेंगे तो वो नहीं रहेंगे। वो किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसके बाद से भाजपा हाई कमान के पेशानी पर बल पड़ गए हैं।
गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ही कहा था कि बाबू सिंह कुशवाहा जैसे दागी को बीजेपी में शामिल करना ठीक नहीं है और जनता ऐसे कदम उठाने वालों को करारा जवाब देगी। आज एक और कदम आगे बढ़ते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि अगर भ्रष्टाचारी लोग पार्टी में रहेंगे तो वे भाजपा में नहीं रहेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे पार्टी से इस्तीफा दे देंगे और जरूरी हुआ तो राजनीति भी छोड़ देंगे। योगी ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी को अवगत करा दिया है।
खबर है कि अन्य कई भाजपा नेताओं की तरह योगी भी बाबू सिंह कुशवाहा के भाजपा में शामिल किए जाने को लेकर नाराज हैं। बताया जा रहा है कि वो इस मुद्दे पर किसी भी हद तक जा सकते हैं। कुशवाहा के मुद्दे पर यूं तो पार्टी के दूसरी पंक्ति के कई नेता खुलेआम सवाल उठा रहे हैं लेकिन ये पहली बार है कि पार्टी के इतने कद्दावर सांसद ने इस मुद्दे पर इस्तीफा देने और राजनीति छोड़ने तक की धमकी दे दी है।
बाबू सिंह कुशवाहा को शामिल करने की राजनीति भाजपा के गले की फांस बन गई है। कुशवाहा को शामिल करने के दूसरे ही दिन सीबीआई ने कुशवाहा समेत उनके कई नजदीकियों के ठिकाने पर छापेमारी की थी। एनएचआरएम घोटाले में शामिल होने के आरोप में बसपा से निकाले गए कुशवाहा को गले लगाने की भाजपा की रणनीति उसी को उल्टी पड़ गई है। बसपा ने निकाले गए नाले ने अब भाजपा की गंगा में ही तूफान ला दिया है।





