Daya Sagar : तो क्या अब जस्टिस गांगुली छत से कूदेंगे? ….. इससे पहले जस्टिस एके गांगुली छत से कूद कर जान दे दें, उस लड़की के साथ इंसाफ हो जाना चाहिए जो उस शानदार फाइव स्टार होटल के कमरे में वाइन पीने को राजी हो गई थी। यह नौटकी बहुत हो चुकी कि पहले आप दुराचारी मर्द के साथ में बैठ कर शराब पीएं और फिर उस पर रेप का इल्जाम लगा कर कहीं छुप कर बैठ जाएं।
बाद में मधु किश्वर, इंदिरा जयसिंग और मैत्रेयी पुष्पा जैसी साध्वियां मर्दो को कटघरे में खड़ा कर मुकदमा चलाएं जिसका हासिल कुछ न हो। कुछ जानवरों की करतूतों की वजह से आज हिन्दुस्तान की पूरी मर्द बिरादरी सवालों के घेरे में है। यह सिलसिला अब बंद होना चाहिए। माफ कीजिएगा खुर्शीद अनवर जैसे संवेदनशील इंसान की खुदकुशी के बाद मैं अपना स्टैंड बदल रहा हूं। क्योंकि मैं जानता हूं अब तक मैं जिस बस में बैठा था वह गलत दिशा में ले जा रही थी।
अमर उजाला में संपादक पद पर कार्यरत दयाशंकर शुक्ल 'सागर' के फेसबुक वॉल से.






