Gyanesh Srivastava : क्या इंडिया टीवी के एडिटोरियल डायरेक्टर श्री नकवी जी नैतिकता की दुहाई देकर इस्तीफा देंगे…… हर घपले-घोटाले पर रायशुमारी बनाने और देने वाले श्री नकवी जी कोई आम पत्रकार नहीं हैं बल्किर टीवी मीडिया में पुरोधा के तौर पर जाने जाते हैं। (जैसा कि उनके साथ काम कर चुके लोग बताते हैं)
खुर्शीद अनवर की मौत का मामला कोई सामान्य मामला नहीं है। ये पूरी तरह से इलेक्ट्रानिक मीडिया के कार्यप्रणाली को दर्शाता है कि कैसे किसी खबर को प्ले किया जाता है और हाईप किया जाता है। बतौर एडिटोरियल डायरेक्टर तो पहली जिम्मेदारी उनकी ही बनती है।
गलती अगर मोदी जी करें, मनमोहन सिंह जी करें, केजरीवाल जी करें, तुरंत नैतिकता की बात सामने आ जाती है। तेजपाल का ताजा मामला उदाहरण के तौर पर है । आज तेजपाल जेल में हैं लेकिन जेल जाने के पहले नैतिकता की बात कम से कम करके जेल गए हैं मिस्टर तेजपाल। जैसे इलेक्ट्रानिक मीडिया के ट्रायल में जो एक बार फंस जाता है, बिना इस्तीफा दिए उसका काम नहीं चलता। ठीक उसी तरह फिलहाल नकवी जी भी सोशल मीडिया के ट्रायल पर हैं। इस पर लेख लिखने की जरूरत नहीं है बल्कि वक्त का तकाजा है कि एक इस्तीफा तो बनता ही है। बाकी काम तो पुलिस करेगी ही ……जांच में अगर निर्दोष पाए गए तो फिर से ताजपोशी हो सकती है।
पत्रकार ज्ञानेश श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.






